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शनिवार, 18 जुलाई 2020

बिहार में होगा ऑनलाइन चुनाव ,चुनाव आयोग कर रही है तैयारी,देखे चुनाव आयोग ने अधिकारियों को क्या भेजा आदेश GS NEWS

एक तरफ बिहार में कोरोना का कह रहा हूं मचा है जहां हजारों की संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं तो दूसरी ओर चुनाव आयोग विधान सभा चुनाव को लेकर तैयारी कर रही है. सत्ता पक्ष जहां चुनाव करवाने के समर्थन में दलली दे रहा है तो दूसरी ओर विपक्ष चुनाव टालने की बात कर रहा है. कुल मिलाकर इतना तो तय है कि या तो बिहार में समय पर चुनाव होगा या राष्ट्रपति शासन लगेगा. इस बीच वर्चुअल रैली जोर शोर से की जा रही है. सूत्रों की माने तो इस बार उम्मीदवार घर बैठे बैठे इलेक्शन के लिए नामिनेशन कर पाएंगे. अब सवाल उठता है कि क्या मतदाता को भी वोट देने के लिए आनलाइन वोटिंग का आप्शन दिया जायेगा या नहीं. 

बिहार विधानसभा चुनाव में 243 विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों को ऑनलाइन नामांकनपत्र दाखिल करने का मौका मिल सकता है. भारत निर्वाचन आयोग ने इस दिशा में पहल की है. बिहार विधानसभा आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए आयोग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ऑनलाइन नामांकनपत्र दाखिल करने को लेकर पत्र भेजा है. मुख्य निर्वाचन आधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्रत्याशियों के ऑनलाइन नामांकन को लेकर सोमवार को आयोग द्वारा मॉक ट्रॉयल का प्रशिक्षण राज्य के पदाधिकारियों को दिया जायेगा.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को आयोग ने कहा:-
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को आयोग ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के ऑनलाइन नामांकन का मॉक ट्रायल की अनुमति दी गयी है. इसमें प्रत्याशी अपना पूरा नामांकनपत्र ऑनलाइन जमा करेंगे. इसके लिए हर प्रत्याशी भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के सुविधा पोर्टल पर खुद रिजस्टर करेंगे.
ऑनलाइन नामांकनपत्र दाखिल करनेवाले प्रत्याशियों को यह सुविधा:-
सुविधा पोर्टल पर नामांकनपत्र का पूरा फाॅर्म उपलब्ध है. इसे पूरी तरह से लागू करने के पहले आयोग इसका मॉक ट्रायल कर लेना चाहता है ताकि किसी प्रकार के सुधार की आवश्यकता हो तो इसे पूरा कर लिया जाये.
ऑनलाइन नामांकनपत्र दाखिल करनेवाले प्रत्याशियों को यह सुविधा दी जायेगी कि वह कोई तीन दिन अपने आवेदनपत्र को फिजिकल जमा करने के लिए समय निर्धारित कर लें. तीन तिथियों में आरओ द्वारा प्रत्याशी को निर्धारित टाइम स्लॉट आवंटित किया जायेगा जब वह उपस्थित होकर नामांकनपत्र दाखिल कर सकें.
50 राजनीतिक दलों के सुझाव पर निर्भर है विधानसभा चुनाव

संक्रमित चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी अब होटल में आइसोलेट होंगे GS NEWS


बिहार में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने एक बड़े कठोर निर्णय लिया पटना एम्स में स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के पहले दिन ही स्वास्थ्य महकमा बैकफुट पर आ गया है। सरकार ने अब निर्णय लिया है कि कोरोना वॉरियर हमारे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी अगर संक्रमित होते हैं तो उन्हें होटलों में आइसालेट किया जाएगा। इसका खर्च भी स्वास्थ्य विभाग उठाएगी।
दरअसल, दो माह से सैलरी नहीं मिलने से ज्यादा पटना के कोविड अस्पताल एम्स के नर्सिंग स्टाफ और सफाई कर्मचारियों का इस बात का मलाल था कि अगर वे या उनके परिवार के सदस्य संक्रमित होते हैं तो उनका एम्स में इलाज नीं हो पाएगा। इस बात से नाराज सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। इन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के साथ ही सरकार ने यह फैसला लिया है कि अगर कोई चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित होते हैं और उन्हें अगर उनके घर में आइसोलेट होने की व्यवस्था नहीं है तो उन्हें होटलों में आइसोलेट किया जाएगा और इसका पूरा खर्च स्वास्थ्य विभाग उठाएगा।

स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों को होटल में आइसोलेट कर उनका खर्चा वहन करने का स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है। इस निर्णय से अब कोरोना से जंग लड़ रहे हमारे वॉरियर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है।
 अब वे पहले से ज्यादा तत्परता से कोरोना से जंग लड़ पाएंगे। स्वास्थ विभाग ने इसके लिए सभी जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि जिन चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी में कोरोना के लक्षण पाए जाएं और उनके घर में सेल्फ आइसोलेशन की व्यवस्था में उन्हें कठिनाई हो तो उन्हें होटल में आइसोलेट किया जाए और इसका खर्च स्वास्थ विभाग वहन करेगा।

अभी अभी बिहार में कोरोना का विस्फोट एक साथ 1667 नए मामले राज्य में आंकड़ा पहुंचा 24967 GS NEWS


बिहार में कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ते जा रहा है देखा जाए तो सैकड़ों की तादात में मरीज की संख्या प्रतिदिन सामने आ रहा है जैसा कि बता सकते हैं बिहार में कोरोना का महा विस्फोट हो चुका है देखते ही देखते पूरा जिला इसकी चपेट में आ चुका है स्वास्थ्य विभाग की ओर से ताजा अपडेट जारी की गई है. इस अपडेट के मुताबिक बिहार में 1667 लोग कोरोना पॉजिटव मिले हैं. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 24967 हो गई है.


स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक 1667 लोग कोरोना पॉजिटव मिले हैं. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 24967 हो गई है.


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक बिहार में पिछले 24 घंटे के अंदर 4 लोगों की मौत रिकार्ड की गई है जबकि इससे पहले गुरूवार को रिकार्ड 17 लोगों की मौत दर्ज की गई थी. यानी कि केंद्र सरकार की माने तो बिहार में 48 घंटे के भीतर कुल 21 लोगों की मौत कोरोना से हो गई, जो कि वाकई चिंता की बात है. 


बिहार स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना से पिछले 24 घंटे में 896 लोग स्वस्थ हुए हैं. 




कोरोना संकट के बीच बिहार को बड़ा झटक:-हड़ताल पर AIIMS के सफाई कर्मी और नर्सिंग स्टाफ, वेतन नहीं मिलने से नाराज GS NEWS

कोरोना से मुकाबला कर रहे हैं बिहार को बड़ा झटका लगा है. पटना एम्स के नर्सिंग स्टाफ कर्मचारी और सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं. पिछले 2 महीने से सैलरी नहीं मिलने के कारण स्टाफ ने काम बंद कर दिया है.बिहार में कोरोना का कहर लगातार जारी है. 
राजधानी के एम्स को कोरोना अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है. हालांकि, अस्पताल के सामने एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है. एम्स के नर्सिंग स्टाफ और सफाईकर्मियों ने हड़ताल कर दिया दिया है. हड़ताल से अस्पताल में गंदगी का अंबार लगने का डर सताने लगा है. हड़ताल पर गए कर्मियों का आरोप है कि कोरोना संक्रमण काल में भी दो महीने से सैलरी नहीं मिला है.

नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि उनकी ड्यूटी कोविड वार्ड में लगाई गई है. बावजूद इसके कोविड 19 से प्रभावित होने पर परिवार के सदस्यों को एडमिट तक नहीं किया जाता है. ऐसे हालात में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. हड़ताल पर गए स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ और एम्स सफाईकर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन के समक्ष कई मांगे रखी है. जिसमें दो महीने की सैलरी, कोरोना संक्रमण काल में वेतन में वृद्धि के अलावा स्टाफ और उनके परिजनों को संक्रमित होने पर एम्स में भर्ती कराया जाए.
डॉक्टरों पर लग रहा गंभीर आरोप

400 की संख्या में एम्स के स्टाफ अस्पताल के मुख्य गेट पर पर्दशन कर रहे हैं. अस्पताल कर्मियों का कहना है कि इस हालात में मुश्किल से घर चला रहे हैं. जबकि उन्हें दो महीने से वेतन नहीं दिया गया है. ऐसे में उनकी मांग जायज है. वहीं, अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सफाई कर्मियों के परिजन को एम्स में इलाज भी नहीं जाता है लेकिन डॉक्टर और खास लोगों को तुरंत एडमिट किया जाता है.

भागलपुर में मरीज की मौत पर भड़के लालू यादव, कहा- सीएम लोगों से बात नहीं करते बस भौं-भौं करने के लिए लोग पाल रखे हैं GS NEWS


   
भागलपुर : भागलपुर में बिजली कटने के बाद वेंटिलेटर पर मरीज की मौत का मुद्दा बिहार की सियासत में काफी गरमा गया है. राजद सुप्रीमो लालू यादव ने ट्वीट कर नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोला है. लालू यादव ने ट्वीट कर कहा कि बिहार के बड़े अस्पताल में बिजली गुल, जेनरेटर बंद, वेंटिलेटर में लगी बैट्री भी फुस्स और फिर ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीज की मौत.
 आगे लालू यादव ने कहा कि CM चार महीने से घर में सो रहे, घर में ही अस्पताल बनवा लिया. लोगों से संवाद नहीं, भौं-भौं के लिए नियोजन पर 2-4 रख लिए. बस हो गया. 
आपको बता दें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के गायनी आईसीयू में भर्ती एक महिला की मौत शुक्रवार रात हो गई. महिला की सांसें वेंटिलेटर के सहारे चल रही थीं, इसी दौरान बिजली गुल हो गयी और जेनरेटर ने भी काम करना बंद कर दिया. हद तो तब हो गई जब वेंटिलेटर में लगी बैट्री ने भी ऐन वक्त पर धोखा दे दिया. परिणाम यह हुआ कि मरीज को ऑक्सीजन मिलना बंद हो गया और उसकी मौत हो गयी.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने फिर सरकार पर बोला हमला, कहा- बिहार कोरोना संक्रमण का ग्लोबल हॉट स्पॉट बनने की ओर अग्रसर GS NEWS


बिहार में बढ़ते कोरोना को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार  सरकार नीतीश सरकार पर हमला बोला है। शनिवार को एक के बाद एक तीन ट्वीट कर तेजस्वी ने कहा कि जिस हिसाब से बिहार में केस बढ़ रहे है अगर प्रतिदिन 30-35 हजार जांच हो तो रोज 4-5 हजार नए मरीज मिलेंगे और संक्रमण में बिहार देश में सबसे ऊपर आ जायेगा।
तेजस्वी ने आगे बताया कि इस बात की प्रबल संभावना है की बिहार कोरोना का नेशनल हॉट स्पॉट ही नहीं बल्कि ग्लोबल हॉट स्पॉट बनने की ओर अग्रसर है। 
बिहार में जांच सबसे कम और बढ़ते संक्रमण का दर देश में सबसे ज़्यादा है। तेजस्वी ने कहा कि आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से बिहार के समकक्ष राज्य 30-40 हजार जांच प्रतिदिन कर रहे हैं, वहीं बिहार बमुश्किल पिछले 3 दिन से 10 हजार जांच कर पा रहा है। विगत 4 महीनों में बिहार में प्रतिदिन 4159 औसत जांच हुआ है। पिछले एक हफ्ते में कम जांच के बावजूद प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा नए केस रिपोर्ट हो रहें है।




शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

पटना-रांची जनशताब्दी के चपेट में आई कार, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत GS NEWS


बिहार में आज एक बड़ा हादसा हो गया है. शनिवार की सुबह पटना के पुनपुन के पास जनशताब्दी एक्‍सप्रेस और कार की टक्कर हो गयी है. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गयी है. हादसा पटना के पुनपुन में रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ. बता दें कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जनशताब्दी एक्‍सप्रेस पुनपुन के पोठही में अवैध रेलवे क्रॉसिंग पार करने के दौरान एक कार से टकरा गयी.
इस हादस में तीन लोगों की घटना-स्थल पर ही मौत हो गयी है. मृतकों में तीन की पहचान कर ली गई है. मृतकों में कार सवार पति पत्नी पुत्र शामिल हैं. दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों को देखते हुए मृतकों की संख्‍या बढ़ने की आशंका है. फिलहाल ये घटनास्थल पर डीआरएम समेत आला अधिकारी मौके पर मौजूद है. फिलहाल गंभीर रूप से घायल चार लोगों को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (PMCH) भेजा गया है.

बता दें कि प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह पटना ने पुनपुन के पास एक कार एक अवैध रेलवे क्रॉसिंग पार करते वक्‍त पटरी पर ही फंस गयी. इसी बीच पटना से रांची जाने वाली जनशताब्दी एक्‍सप्रेस आ गयी और दुर्घटना हो गयी. टक्कर के बाद गाड़ी पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गयी और इसमें सवार पिता-पुत्र और मां की मौके पर ही मौत हो गयी. टक्कर कितनी जबरदस्त थी इसका अंदाजा गाड़ी के हालात से ही लगाया जा सकता है.

अब केंद्र सरकार की नींद टूटी:- बिहार में तेजी से फैल रहा कोरोना का संक्रमण के देखते हुए,केंद्र से कल आएगी स्पेशल टीम GS NEWS

बिहार में कोरोना के बुरे हालात को देखते हुए केंद्र सरकार की नींद टूटी है. केंद्र सरकार ने बिहार में केंद्रीय टीम भेजकर हालात का जायजा लेने का फैसला लिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ये जानकारी दी है. बिहार में नए संक्रमण के मामले में यह अबतक की सर्वाधिक संख्या कल की रिपोर्ट में आई है है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व में बिहार में कोरोना से उत्पन्न हालात की जानकारी लेने के लिए एक उच्च स्तरीय टीम रविवार को बिहार आएगी।

इस टीम में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के डायरेक्टर डॉ. एस के सिंह, एम्स मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल शामिल रहेंगे। इसके पूर्व एक अन्य केंद्रीय टीम को बिहार भेजा गया है, जो राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ कोरोना की जांच व इलाज से जुड़ी जानकारी ले रही है।  केंद्र स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बिहार में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को लेकर स्वास्थ्य सचिव, विशेष कार्य अधिकारी एवं संयुक्त सचिव के साथ अलग-अलग बैठक की। बैठक के उपरांत संयुक्त सचिव के नेतृत्व में टीम भेजने का निर्णय लिया गया! 

ताकि राज्य के अधिकारियों के साथ मिलकर कोविड -19 की मौजूदा स्थिति को लेकर व्यापक कदम उठाया जा सके। बैठक में स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान, विशेष कार्य अधिकारी राजेश भूषण एवं संयुक्त सचिव लव अग्रवाल उपस्थित थे। 

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर कोविड-19 की रोकथाम के लिए सभी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मंत्रालय की नजर बिहार के स्थिति पर है। यहां के आला अधिकारी लगातार संपर्क में रहते हैं। मौजूदा स्थिति  को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एक टीम बिहार पहुंच चुकी है। दूसरी उच्च स्तरीय टीम का गठन कर दिया गया है, जो रविवार को पहुंचेगी। यह टीम रविवार की सुबह संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंचेगी। 

 बैठक में बिंदुवार टेस्टिंग, कंटेंटमेंट जोन एवं हॉट स्पॉट पर चर्चा की गई। बिहार में टेस्टिंग को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा हर संभव मदद उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। श्री चौबे ने कहा कि केंद्र द्वारा हर संभव मदद बिहार को उपलब्ध कराया जा रहा है। बिहार सरकार काफी गंभीर है और महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। बिहारवासियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। मौजूदा समय में डरे नहीं, बल्कि धैर्य -संयम से केंद्र एवं राज्य सरकार के दिशानिर्देश का पालन करें।

लापरवाही की तो हद हो गई! भागलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बिजली कटने से बंद हुआ वेंटिलेटर, तड़प कर मर गयी महिला मरीज GS NEWS


भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के गायनी आईसीयू में भर्ती एक महिला की मौत शुक्रवार रात हो गई। महिला की सांसें वेंटिलेटर के सहारे चल रही थीं, इसी दौरान बिजली गुल हो गयी और जेनरेटर ने भी काम करना बंद कर दिया।इंतिहा देखिये कि इस वाकये के दौरान आईसीयू से डॉक्टर और नर्स दोनों गायब थेहद तो तब हो गई जब वेंटिलेटर में लगी बैट्री ने भी ऐन वक्त पर धोखा दे दिया। परिणाम यह हुआ कि मरीज को ऑक्सीजन मिलना बंद हो गया और उसकी मौत हो गयी। 

बूढ़ानाथ निवासी चंद्रशेखर प्रसाद की 55 वर्षीय पत्नी निर्मला देवी को शुक्रवार सुबह नौ बजे मायागंज अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने गंभीर बीमारी को देखते हुए तत्काल ही गायनी आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। आईसीयू में तैनात निश्चेतक ने मरीज को सी-पैप वेंटिलेटर पर डाल दिया। इसके बाद मरीज की सेहत में सुधार होने लगा। 

रात करीब 8:55 बजे अचानक गायनी आईसीयू की बिजली कट गयी। बिजली कटते ही दो से तीन मिनट के बाद वेंटिलेटर ने भी काम करना बंद कर दिया। परिजन मरीज को दूसरे बेड पर लगे वेंटिलेटर तक ले गये। जब तक वेंटिलेटर काम करना शुरू कर देता, तब तक रात करीब 9:05 बजे मरीज की मौत हो गयी। मौत के तीन मिनट बाद आईसीयू को जेनरेटर के जरिये बिजली आपूर्ति की गयी। जांच में पता चला कि वेंटिलेटर की बैट्री भी खराब थी। नहीं तो जनरेटर से बिजली आपूर्ति नहीं होने के बावजूद मरीज को वेंटिलेटर का सहारा मिला होता। 
डॉक्टर से लेकर आईसीयू की नर्स तक ड्यूटी से गायब 
जब बिजली कटी तो उस वक्त बिजली आपूर्ति करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी का सुरक्षा गार्ड गायब था। परिजनों के ढूंढने पर भी वह नहीं मिला। यहां तक कि आईसीयू में भर्ती मरीजों की निगरानी की जिम्मेदारी आईसीयू में तैनात नर्स की थी, लेकिन 10 मिनट तक बिजली कटी रही। ऑक्सीजन के अभाव में महिला मरीज तड़पती रही। इस दौरान आईसीयू में तैनात एक भी नर्स नहीं थी। आईसीयू में 24 घंटे चिकित्सक की तैनाती का दावा अस्पताल प्रशासन द्वारा किया जाता है, लेकिन इस दौरान डॉक्टर भी गायब थे।
 

वेंटिलेटर को अगर बिजली आपूर्ति नहीं थी, फिर भी वेंटिलेटर में लगी बैटरी के बूते चलना चाहिए था। प्रथम दृष्ट्या बिजली आपूर्ति करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी, गार्ड, आईसीयू में तैनात नर्स व डॉक्टर की लापरवाही लग रही है। इस मामले की जांच करायी जायेगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। - डॉ. कुमार गौरव, प्रभारी अधीक्षक, मायागंज अस्पताल

पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया:- PM बोले- हमारा सिद्धांत सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है GS NEWS

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र  के आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के सत्र को संबोधित किया। यह पीएम मोदी का जून में शक्तिशाली सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत के चुने जाने के बाद पहला भाषण है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इस खंड को संबोधित करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी ने जनवरी 2016 में ECOSOC की 70वीं वर्षगांठ पर मुख्य भाषण दिया था।
 देखिए क्या कहा प्रधानमंत्री मोदी ने:-
- पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए बड़े अभियान की शुरुआत की।


- उन्होंने कहा, 'भारत में लाखों महिलाओं को स्थानीय सरकार का प्रतिनिधि चुना जाता है। पिछले 6 वर्षों में, हमने 40 करोड़ बैंक खाते खोले हैं, जिसमें से 22 करोड़ महिलाओं के अकाउंट हैं।

- पीएम मोदी ने कहा, भारत द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र के 50 संस्थापक सदस्यों में से था। उसके बाद से काफी कुछ बदल गया है। आज, संयुक्त राष्ट्र 193 सदस्य देशों को एक साथ लाता है। संगठन से उम्मीदें भी बढ़ी हैं। बहुपक्षवाद भी आज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छह साल में 40 करोड़ बैंक अकाउंट खोले गए हैं।

- संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि हमारा सिद्धांत सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है।

- भारत को 17  जून को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर निर्विरोध चुना गया था।  एशिया-प्रशांत श्रेणी की सीट से भारत आठवीं बार गैर-स्थायी सदस्य बना था।
- बहुपक्षीय प्रणालियों में सुधार के लक्ष्य के साथ भारत इस कार्यकाल का बेहतर उपयोग करके एक स्थायी सीट के अपने दावे को आगे बढ़ा सकेगा। सीट के लिए दावेदार सात देशों में, भारत 2021-22 के लिए क्षेत्र से निर्विरोध था।


- बताते चलें कि इस साल संयुक्त राष्ट्र के उच्च स्तरीय सत्र की थीम है, 'कोविड-19 के बाद बहुपक्षीयवाद: 75वीं वर्षगांठ पर हमें किस प्रकार के संयुक्त राष्ट्र की जरूरत है।'

लालू ने किया भावुक ट्वीट, कहा-बिहार के हाल देखऽके हमार दिल रोऽअऽता, देखें लालू यादव की पोस्ट GS NEWS


बिहार में कोरोना संकट के साथ-साथ बाढ़ ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है. ऐसे में लालू प्रसाद को बिहार का हाल देखा नहीं जा रहा है. लालू का दिल बिहार को देख रिम्स में रो रहा है. लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार से कई सवाल भी किया है. रांची के रिम्स में भर्ती लालू प्रसाद ने बड़े भाई की तरह नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए लिखा है ;-


ए नीतीश!
लगभग 4 महीना हो गऽइल बंदी के, जनता मे त्राहीमाम बा, रोजी-रोटी,जान-माल पर आफ़त बा। तऽहार राज में बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, अत्याचार चरम पर बा। 4 महीना मे आपन बंगला से 4 बार भी बाहर ना निकलऽअ।
ई लुकाछिप्पी से कोरोना ना भागऽइ। जब सेनापति मैदान छोड़ के भागऽल रही त लड़ाई के लड़ऽइ।
मुख्यमंत्री सामने से लीड करेऽला की चादर ताऽन के घर में सुतेऽला? 4 महीना में 4 बार भी नीतीश लोग के बीच में ना गईलऽन। 
बेरोज़गारी,भुखमरी,घुसखोरी,अपराध से जनता रोऽअऽता आ नीतीश आपऽन सुशासनी मुखौटा” के रंगाई-पोताई में लागल बाऽडऽन।
बिहार के हाल देखऽके हमार दिल रोऽअऽता।