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मंगलवार, 21 जुलाई 2020

बिहार के 5 समेत 45 राज्यसभा सांसद आज लेंगे शपथ, कोरोना के कारण टल गया था शपथग्रहण कार्यक्रम GS NEWS


कोरोना महामारी के कारण मार्च में टाला गया नवनिर्वाचित सांसदो का शपथ ग्रहण बुधवार को राज्यसभा में होगा. जिसमें बिहार से 5 सांसद शामिल हैं. शपथ ग्रहण कार्यक्रम सुबह 11 बजे सदन के चैम्बर में होगा.
सभापति वेंकैया नायडू दिलाएंगे शपथ
बिहार के 5 सांसदों के साथ राज्यसभा के लिए चुने गए सभी 45 नवनिर्वाचित सांसद भी बुधवार को शपथ लेंगे. सभापति वेंकैया नायडू उन्हें शपथ दिलाएंगे. बिहार से पांच लोग राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. इनमें जदयू के हरिवंश और रामनाथ ठाकुर, भाजपा के विवेक ठाकुर और राजद के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेन्द्रधारी सिंह शामिल हैं.
शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 45 सांसद होंगे शामिल
बता दें कि राज्यसभा का चुनाव बीते मार्च महीने में हुआ था, कोरोना महामारी के कारण शपथ ग्रहण कार्यक्रम को रोक दिया गया था. अब चूकि देश में अनलॉक हो चुका है इसलिए सांसदों के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. पिछले दिनों चुने गए 61 सांसदों में से 45 सांसदो ने शपथ लेने की सूचना दी है.
सांसदों को अपने साथ एक ही सदस्य लाने की अनुमति
शपथग्रहण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा. निर्वाचित सदस्यों को निर्देश जारी किया गया है कि शपथ ग्रहण के लिए आने वाले सांसद अपने साथ केवल एक ही सदस्य को ला सकता हैं. बता दें कि कोरोना संकट के चलते यह पहला मौका होगा, जब अंतर सत्र की अवधि में सदस्य सदन के चैम्बर में शपथ लेंगे.

बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर राहुल गांधी ने जतायी चिंता बोले:- ‘सुशासन’ का पर्दाफाश हो गया GS NEWS

बिहार में बिगड़ते हालात को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी परेशान है. राहुल गांधी ने बिहार में कोरोना महामारी की स्थिति को नाजुक बताते हुए कहा है कि अब हालात राज्य सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं. राहुल गांधी ने कोरोना काल में पहली बार नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोला है.बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 28564 हो गई है। 211 मरीजों की मौत हुई है। रोज एक हजार से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। राज्य में कोरोना के बढ़ते मामले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर बिहार सरकार पर निशाना साधा है। अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा कि बिहार में कोरोना महामारी की स्तिथि नाजुक है और राज्य सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। अस्पताल वार्ड में लावारिस शव का पड़े होना बिहार सरकार के ‘सुशासन’ का पर्दाफाश करता है।
एनएमसीएच का है मामला
राहुल ने अपने ट्वीट में जिस अस्पताल के वार्ड में शव पड़े होने की बात की है वह अस्पताल एनएमसीएच (नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, पटना) है। यहां दो दिन से शव वार्ड में पड़े होने की शिकायत आ रही है। 
केस 1- मंगलवार को एनएमसीएच का एक वीडियो सामने आया, जिसमें यह देखा जा सकता है कि आइसोलेशन वार्ड के ठीक बाहर स्ट्रेचर पर कोरोना मरीज का शव पड़ा है। मरीज की मौत दो दिन पहले हो गई थी और शव को प्लास्टिक से पैक कर स्ट्रेचर पर बाहर रख दिया गया। 
केस 2- सोमवार को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक महिला के बेटे ने वीडियो सार्वजनिक किया। कोरोना के एक मरीज का शव दो दिन से पड़ा था। शव नहीं हटाने से वार्ड में भर्ती दूसरे लोग आक्रोशित थे। वीडियो सार्वजनिक होने के कई घंटे बाद शव को हटाया गया।

बाढ़ से निबटने के लिए अलग-अलग जिलों में में NDRF की 16 टीमें तैनात GS NEWS

बाढ़ से निबटने के लिए 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ बिहटा, पटना की 16 टीमों को बिहार राज्य के अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है. पश्चिम चंपारण बेतिया,पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, कटिहार, अररिया, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी तथा सारण जिलों में तैनात किया गया है.
कमाडेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की मांग पर पश्चिम चंपारण (बेतिया), पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), गोपालगंज, कटिहार, अररिया, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी तथा सारण जिलों में तैनात किया गया है. गोपालगंज में तीन टीमें, बेतिया, मोतिहारी, सारण में दो-दो टीमें तथा अन्य जिलों में एक-एक टीम तैनात की गयी है.

सभी टीमें अत्याधुनिक बाढ़ बचाव उपकरण, कटिंग टूल्स और उपकरण, संचार उपकरण, मेडिकल फर्स्ट रेस्पांडर किट, डीप डाइविंग सेट, इनफ्लैटेबल लाइटिंग टावर आदि से लैस है. टीमों में कुशल गोताखोर, तैराक और मेडिकल स्टाफ मौजूद हैं, जो कि बाढ़ की आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्य में लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने में सक्षम एवं तत्पर हैं.
कमांडेंट सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष बाढ़ राहत-बचाव ऑपेरशन के दौरान एनडीआरएफ के हमारे बचावकर्मी कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के सुरक्षात्मक दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कर रहे हैं. समुदाय के लोगों को भी कोविड-19 से सुरक्षात्मक उपायों को पालन करने के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित कर रहे हैं.
कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ के कार्मिकों को पीपीई, मास्क, फेस शील्ड, फैब्रिकेटेड फेस हुड कवर, सेनेटाइजर, हैंड वाश, सोडियम हाइपोक्लोराइट आदि दिया गया है. एनडीआरएफ के प्रभारी अधिकारी और टीम कमांडर्स तैनाती वाले जिलों में जिला प्रशासन से कुशल समन्वय व तालमेल स्थापित कर बाढ़ प्रभावित इलाके में निरतर रेकी कर रहे हैं, ताकि आवश्यकतानुसार जरूरतमंद लोगों को तुरंत मदद पहुंचाया जा सके.

अभी अभी बिहार में मिले कोरोना के 1109 नए मामले राज्य में आंकड़ा पहुंचा 28564 GS NEWS


स्वास्थ्य बिहार में वैश्विक महामारी  कोरोना मरीज लगातार बढ़ते ही जा रहा है देखते ही देखते पूरा बिहार इसकी चपेट में आ चुका है प्रत्येक दिन सैकड़ों की तादात में नए मरीज की पुष्टि होती है स्वास्थ्य विभाग की ओर से ताजा अपडेट जारी की गई है. इस अपडेट के मुताबिक बिहार में 1109 लोग कोरोना पॉजिटव मिले हैं. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 28564 हो गई है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पटना में एक बार फिर 138 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं इसके अलावे अरवल में 30, बांका में 14 और अररिया में 19 कोरोना के मरीज मिले हैं. इसके अलावे भागलपुर में कोरोना के 81 नए मरीज मिले हैं. बक्सर में 46, भोजपुर में 31,दरभंगा में 19, पूर्वी चंपारण में 25, गया में 98 और जहानाबाद में 26 कोरोना के मरीज मिले हैं.

20 जुलाई को अब तक 431 नए मामले सामने


19 जुलाई और उससे पहले के 678 मामले सामने आए

बिहार में ज्यादा हुआ बाढ़ का खतरा, नेपाली नागरिकों ने तोड़ा सुरक्षा बांध GS NEWS



नेपाल और भारत के बीच तनाव का फायदा कुछ शरारती तत्व उठाने लगे हैं। दरअसल नेपाल की तरफ से 50 की संख्या में  शरारती तत्वों ने शाम सुरक्षा बांध तोड़ दिया। इसकी वजह से सुपौल के सीमावर्ती क्षेत्र कुनौली बाजार में पानी घुस गया है। 


जानकारी के मुताबिक कुनौली से लगती नो मेंस लैंड से 50 मीटर की दूरी पर नेपाली भाग के रमपुरा बॉर्डर से राजविराज जाने वाली सड़क में इंडो नेपाल के पिलर संख्या 222 से 50 मीटर की दूरी पर बांध सह सड़क को दो-दो जगहों पर काटकर बाढ़ के पानी का बहाव तेज कर दिया।


हालांकि भारतीय क्षेत्र से लोगों ने इसका विरोध भी किया लेकिन उनलोगों ने भारतीयों की आपत्ति की अनदेखी कर बांध को काट दिया । बांध के कटते ही भारतीय क्षेत्रों में पानी का दबाब काफी बढ़ गया। कुनौली, कमलपुर और डगमारा पंचायत के पिपराही गांव जलमग्न हो गये। इस बार पिछले साल की अपेक्षा अधिक बाढ़ आने से लोगों में दहशत और भी बढ़ गयी है। 


इस संबंध में एसएसबी कुनौली बटालियन के इंस्पेक्टर विवेक कुमार ने बताया कि जब तक बांध काटने की सूचना मिली और कटिंग स्थल के सामने पहुंचे तब तक वो लोग भाग चुके थे। वहीं नेपाली एपीएफ के इंस्पेक्टर राजेश थापा से पूछने पर बताया कि इसकी जानकारी मुझे नही हैं।


सीएम नीतीश ने राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर जताया शोक, बिहार में 1 दिन के राजकीय शोक की घोषणा GS NEWS


बिहार में 39वें राज्यपाल रह चुके वरीय भाजपा नेता लालजी टंडन के निधन पर उनके सम्मान में बिहार में 21 जुलाई को 1 दिन का राजकीय शोक रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह घोषणा की। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल और बिहार के पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि लालजी टंडन एक लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व प्रख्यात शिक्षाविद थे। उनके निधन से राजनीति, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।


बतौर राज्पाल बिहार में स्टूडेंट्स हित में कई काम किए
बिहार के 39वें राज्यपाल के रूप में लालजी टंडन ने 23 अगस्त 2018 को शपथ ली थी। तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन को बिहार का राज्यपाल मनोनीत किया था। 


हालांकि वे मात्र 331 दिन ही बिहार के राज्यपाल रहे लेकिन अपने सालभर से भी कम के कार्यकाल में उच्च शिक्षा के विकास में कई अहम प्रयास किये। छोटे-बड़े कई हस्तक्षेपों से उन्होंने बड़ी लकीरें खींचीं। खासतौर से लंबित परीक्षाएं, छात्रहित की अनदेखी और वित्तीय व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष तवज्जो रहा। गवर्नर के रूप में उनके 300 दिन पूरा करने पर राजभवन ने एक पुस्तिका का भी प्रकाशन किया था।


सोमवार, 20 जुलाई 2020

बिहार के सभी अनुमंडलों में आज से एंटीजन जांच की सुविधा GS NEWS

बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद सरकार भी आवश्यक सभी कदम उठा रही है. राज्य में आज से सभी अनुमंडलों में एंटीजन जांच की सुविधा शुरू कर दी जाएगी. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाददताओं को बताया कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है
अनुमंडलों में एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा
अनुपम कुमार ने बताया कि पूरे बिहार में मंगलवार से सभी अनुमंडलों में एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा प्रारंभ हो जाएगी. सभी महत्वपूर्ण अस्पतालों में सहयोग के लिए प्रशासनिक टीम तैनात कर दी गई है. यह मल्टी डिसिप्लीनरी टीम है, जिसमें प्रशासन और अस्पताल के लोग हैं. इससे चिकित्सकों को सहयोग मिलेगा और अस्पतालों का प्रबंधन और अधिक बेहतर होगा.
निशुल्क जांच करा सकेंगे लोग
अनुपम कुमार ने ये भी कहा कि इस सप्ताह के अंत तक सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा शुरू कराने का लक्ष्य है. जिससे कोई भी कोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति बिना किसी समस्या के अपनी इच्छानुसार निशुल्क जांच करा सकेंगे. साथ ही, बिहार का रिकवरी दर काफी अच्छी स्थिति में है, इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है.

बिहार में 2,584 एक्टिव कंटेनमेंट जोन
इधर, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि राज्य के 27 जिलों के अनुमंडल अस्पतालों तक एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है और मंगलवार सुबह तक शेष 11 जिलों के अनुमंडल अस्पतालों में एंटीजन टेस्टिंग की सुविधा शुरू कर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि बिहार में अभी 2,584 एक्टिव कंटेनमेंट जोन हैं, इनमें 1,931 कंटेनमेंट जोन ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जबकि 653 कंटेनमेंट जोन शहरी क्षेत्रों में हैं.

एनएमसीएच में कोविड-19 के मरीजों के लिए खुला कंट्रोल रूम GS NEWS

एनएमसीएच के कोरोना नोडल सेंटर में कोविड-19 के मरीजों की सुविधाओं के लिए परिसर के मुख्य गेट स्थित आई बैंक भवन में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम का उद्घाटन कमिश्नर संजय अग्रवाल ने किया। वहीं, हर बेड पर ऑक्सीजन सिलेंडर लगाने का निर्णय लिया गया है।
इससे पहले प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में डेडिकेटेड सेंटर में मरीजों की सुविधा को लेकर एनएमसीएच प्रशासन के साथ उच्चस्तरीय बैठक की गयी। कमिश्नर ने कहा कि इस डेडिकेटेड अस्पताल में कोरोना के मरीजों  को इलाज में कोई तकलीफ नहीं हो। इसके लिए कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर यह शिकायतें मिल रही है कि शव को हैंडलिंग करने वालों की कमी के कारण वार्ड में ही शव अधिक देर तक पड़ा रहता है। इसके लिए कर्मियों की संख्या बढ़ायी जाएगी। साथ ही अब शव हैंडलिंग करने वालों को अतिरिक्त पांच सौ रुपये प्रति शव दिया जाएगा। वहीं शव को रात में नहीं चौबीसों घंटे दाह संस्कार कराया जाएगा। 
कंट्रोल रूम में तीनों पाली में एक आईपीएस व एक आईएएस अधिकारी की ड्यूटी रहेगी। डॉक्टरों को लेकर जो समस्याएं हैं उसमें सीनियर रेजिडेंट की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। जरूरत पड़ने पर जूनियर रेजिडेंट की बहाली प्राचार्य द्वारा की जा सकती है। ऑक्सीजन प्रत्येक बेड पर उपलब्ध हो इसके लिए बीएमएसआईसीएल के अधिकारियों ने काम करना शुरू कर दिया है। 
एनएमसीएच को 15 लाख की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी, जिससे प्राचार्य अपने स्तर पर जरूरत के हिसाब से खर्च कर सकते हैं। जांच का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में ट्रूनेट व एलाइजा के अलावा एंटीजन से जांच भी शुरू की गई है। प्राचार्य से किट की उपलब्धता के बारे में भी प्रमंडलीय आयुक्त ने जानकारी ली। बैठक में डीएम कुमार रवि, नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा, बीएमएसआईसीएल संरचना के प्रबंध निदेशक संजीव रंजन, उपमहाप्रबंधक संजीव कुमार के अलावा आईजी पुलिस संजय सिंह व एसएसपी उपेन्द्र कुमार शर्मा समेत प्राचार्य डॉ. हीरालाल महतो, अधीक्षक डॉ. निर्मल कुमार सिन्हा, उपाधीक्षक डॉ. गोपाल कृष्ण, मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. उमाशंकर प्रसाद व डॉ. अशोक कुमार शामिल थे।
आरएमआरआई में फिर शुरू हुई कोरोना जांच
पटना सिटी। तीन दिन बाद अगमकुआं स्थित आरएमआरआई  कोरोना सैम्पल की जांच फिर से शुरू हुई।

ऑनलाइन नामांकन को लेकर चुनाव आयोग की पहल, अफसरों को दी जा रही ट्रेनिंग GS NEWS

कोरोना वायरस से बदले हालात के बीच बिहार विधानसभा चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती है. आयोग की ओर से सभी जिलों के अधिकारियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है.
ट्रेनिंग के दौरान प्रत्याशियों की ओर से किस तरह से ऑनलाइन नामांकन भरा जा सकता है. इसको लेकर विस्तार से जानकारी दी गई. वहीं आयोग की ओर से चुनाव संबंधी कार्यों, नामांकन पत्रों की समीक्षा, ईवीएम और आईडी से जुड़े कार्यो की भी पूरी जानकारी दी गई.
चुनाव आयोग की तैयारी 
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी डीएम, सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचित पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया. सोमवार को देर शाम तक दिए गए प्रशिक्षण में नामांकन पत्रों को कैसे ऑनलाइन किया जाए उस पर विशेष फोकस रहा. साथ ही ईवीएम की जांच, वीवीपैट के इस्तेमाल सहित नामांकन पत्रों की जांच में बरती जाने वाली सावधानियों की चर्चा की गई. इस दौरान आईटी विशेषज्ञों ने तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई.
जिलों के अधिकारियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू 
आयोजित मीटिंग की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने की. गौरतलब है कि कोविड-19 फैलने के बाद राज्य में चुनाव कराने के लिए कई नई प्रयोग किए जाना तय है.

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का निधन:- बिहार के भी रहे थे गवर्नर, पीएम मोदी ने जताया शोक GS NEWS


मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का निधन हो गया. वे लखनऊ के मेदांता अस्पताल में पिछले तीन महीने से भर्ती थे. वे 85 वर्ष के थे. उनके निधन की जानकारी बेटे आशुतोष टंडन ने ट्वीट कर दी है. टंडन राज्यपाल से पहले लोकसभा में सांसद भी रहे हैं.
बता दें कि तीन महीने पूर्व लालजी टंडन किडनी और लीवर की शिकायत को लेकर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिसके बाद कल उनकी हालात और ज्यादा खराब हो गई थी जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर ले जाया गया, जिसके बाद आज उनका देहांत हो गया.
पीएम मोदी ने जताया शोक- एमपी के राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है. पीएम ने लिखा, ' लालजी टंडन को समाज की सेवा के उनके अथक प्रयासों के लिए याद किया जाएगा. उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने एक प्रभावी प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई और हमेशा लोक कल्याण को महत्व दिया.उनके निधन से मैं दुखी हूं.'
पार्षद से शुरू किए थे राजनीतिक का सफर- लालजी टंडन अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत एक पार्षद के रूप में किए थे. इसके बाद वे जेपी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. लालजी टंडन मायावती और कल्याण सिंह सरकार में मंत्री भी रहे. वहीं जब अटल बिहारी वाजपेई ने लखनऊ की लोकसभा सीट छोड़ी तो वे इसपर चुनाव लड़कर जीतें

ANMMCH कोरोना के इलाज को लेकर दिए कई अहम निर्देश, क्या है केंद्र सरकार टीम की अहम निर्देश GS NEWS

स्वास्थ्य विभाग की 3 सदस्य केंद्रीय टीम सोमवार को गया पहुंची. जहां टीम के सदस्यों ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें डीएम अभिषेक सिंह, एसएसपी राजीव मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह के अलावा कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक के दौरान केंद्रीय टीम ने कोरोना को लेकर जिला प्रशासन की ओर से की गई स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अहम जानकारी ली. इसके बाद टीम सदस्य कंटेनमेंट जोन जीबी रोड पहुंचे. जहां टीम ने प्रशासन की ओर से की गई बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्था के बारे में जानकारी ली.
संक्रमण नियंत्रण को लेकर दिया अहम-निर्देश'
बैठक के बाद टीम के सदस्य अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल पहुंचे. जहां टीम के सदस्यों ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का जायजा लिया. साथ ही को कोरोना संक्रमित मरीजों को दी जा रही चिकित्सा व्यवस्था की भी जानकारी ली. इस दौरान टीम के सदस्यों ने कोरोना नियंत्रण और इलाज को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश भी दिए.
केंद्रीय टीम ने पूरे अस्पातल का लिया जायजा'
इस संबंध में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. हरीश चंद हरि ने बताया कि 3 सदस्यीय केंद्रीय टीम अस्पताल पहुंची थी. जहां टीम ने अस्पताल के विभिन्न विभागों निरीक्षण किया. साथ ही कोरोना को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए. केंद्रीय टीम के द्वारा निर्देश दिया गया है कि बिहार में आने वाले समय में कोरोना का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है. इसे लेकर पहले से ही तैयार रहना है.
केंद्र सरकार के गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा इलाज'
वहीं, अस्पताल के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पीके अग्रवाल ने बताया कि कोरोना से संबंधित इलाज को लेकर अस्पताल में समुचित व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि कोरोना एक गंभीर बीमारी है. इस बीमारी में तीन लेयर पाए जाते हैं. एल 1, एल 2 और एल 3. यहां इलाज ले लिए आने वाले मरीजों की पुरानी बीमारी के रिकॉर्ड को देखकर हमारी एक्सपर्ट टीम, जूनियर एवं सीनियर सभी लोग मिलकर बीमारी का इलाज करते हैं