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गुरुवार, 23 जुलाई 2020

बिहार के गोपालगंज मे एक और पुल का एप्रोच पथ में दरार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था उद्घाटन GS NEWS

बिहार के गोपालगंज जिले में गंडक नदी पर बने एक और महासेतु के एप्रोच रोड में दरार आ गयी है। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश ने किया था और इसे भी सत्तरघाट पुल बनाने वाली ही वशिष्टा कंपनी ने बनाया था।
जिले में गंडक नदी पर सदर प्रखंड के राजवाही गांव के समीप जादोपुर-मंगलपुर महासेतु के एप्रोच रोड में दरार आ गयी है। इस महासेतु का उद्घाटन सीएम नीतीश कुमार ने वर्ष 2015 में किया था। इस महासेतु का निर्माण भी वशिष्टा कंपनी के द्वारा कराया गया है। मालूम हो कि कुछ दिनों पहले जिले के बैकुंठपुर प्रखंड में स्थित नवनिर्मित सत्तरघाट पुल का एप्रोच रोड भी बाढ़ के पानी में कट गया था। इस पुल का निर्माण भी वशिष्टा कंपनी ने कराया है।
महासेतु से करीब 300 मीटर के आगे ही राजवाही गांव के समीप एप्रोच रोड पर पुलिया है, वहीं पर दरार आयी है। नदी के तेज बहाव के कारण एप्रोच रोड में दरार आयी और उसमें लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने गोपालगंज को बेतिया जिले से जोड़नेवाले उक्त महासेतु पर वाहनों के परिचालन पर फिलहाल रोक लगा दी है। जबकि, एप्रोच रोड में दरार आने से प्रशासनिक महकमे व दियारावासियों में हड़कंप मच गया है। 
उधर, स्थानीय निवासियों व जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से दरार को भरने की कोशिश की जा रही है। बताया गया कि वर्तमान समय में गंडक नदी में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी का बहाव हो रहा है। जिससे जिले में कई जगहों पर तटबंधों व छरकियों पर भी दबाव बना हुआ है। इसी बीच गुरुवार की सुबह जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में दरार आने से स्थित और विकट हो गयी है।

बुधवार, 22 जुलाई 2020

पूरे देश में सबसे कम कोरोना टेस्ट बिहार में केंद्रीय टीम की चेतावनी, बढ़ सकती है मृत्युदर GS NEWS

बिहार में वैश्विक महामारी को रोना कादर प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है  इसको लेकर बिहार में राष्ट्रीय औसत की तुलना में बहुत कम कोरोना परीक्षण(COVID- 19 Test) अनुपात कोरोनावायरस से होने वाली मृत्युदर को प्रभावित कर सकता है। अभी बिहार में 3,423 प्रति मिलियन पर भारत में सबसे कम परीक्षण और मृत्यु दर 0.69% है। वहीं कम परीक्षण के परिणामस्वरूप संक्रमण फैल सकता है और देर से मरीजों की पहचान और अस्पतालों में कोरोना केस के देर से पहुंचने पर यह मृत्यु दर को प्रभावित कर सकता है।
कोरोना पॉजिटिव केस की वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए यह बात तीन-सदस्यीय केंद्रीय टीम ने कही। बिहार में कोरोना विस्फोट के बाद स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम जिनमें नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक डॉ एसके सिंह और एम्स-दिल्ली विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ नीरज निश्चल 19 और 20 जुलाई को बिहार में थे। 

उल्लेखनीय है कि बिहार में 12 जुलाई से रोजाना 1000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। वहीं पिछले सात दिनों में 90% सक्रिय केस सामने आए हैं। पिछले एक सप्ताह (16-23 जुलाई) में, हर दिन औसतन 6% नए कोविड- 19 संक्रमण केस की संख्या बढ़ी हैं।

आरटी पीसीआर परीक्षण को बढ़ाने का सुझाव
 राज्य को अपनी सिफारिश में केंद्रीय टीम लीडर ने राज्य से मौजूदा कोरोना पुष्टिकरण परीक्षण आरटी पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमरेज़ चेन रिएक्शन) की क्षमता का उपयोग सुनिश्चित करने के अलावा आरटी पीसीआर परीक्षण को बढ़ाने के लिए कार्रवाई करने का भी सुझाव दिया है। केंद्रीय टीम ने आरटी पीसीआर के माध्यम से एंटीजन परीक्षणों के सभी लक्षणात्मक नकारात्मक परिणामों की निगरानी के अलावा, रोकथाम क्षेत्रों और अस्पतालों में नमूने लेने के लिए एंटीजन परीक्षण का आह्वान किया। उधर आईसीएमआर ने बिहार में आरटी पीसीआर परीक्षण करने के लिए छह सरकारी और तीन निजी मिलाकर कुल नौ प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी है। 
राज्य में उभरते हुए हॉटस्पॉट
केंद्रीय टीम ने कहा कि पूर्वी चंपारण, गया, रोहतास और मुजफ्फरपुर कोरोना के लिए उभरते हॉटस्पॉट बन रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में कोरोना के उभरते मामलों को देखते हुए पटना, नालंदा, नवादा, सीवान, पश्चिम चंपारण, जमुई, भागलपुर बेगूसराय और मुंगेर में विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। टीम ने अगले दो महीनों में कोरोना संक्रमण के प्रसार को ध्यान में रखते हुए राज्य में अस्पताल के बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान देने पर जोर देते हुए अस्थायी क्षेत्र के अस्पतालों की स्थापना करने का सुझाव दिया। बिहार में 11 दिनों दोगुने केस के साथ कुल 30,066 मामले थे। यदि इसी तरह मामला दोगुना होता रहे तो दो महीने में कोरोना का केस एक लाख के करीब पहुंच सकता है।

कोरोना पॉजिटिव भागलपुर कमिश्नर वंदना किन्नी की हालत गंभीर ,पटना रेफर GS NEWS

भागलपुर में कोरोना का कहर काफी तेजी से फैल रहा है भागलपुर में सभी बड़े बड़े अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं इस बीच खबर बिहार के भागलपुर प्रमंडल की कमिश्नर वंदना किन्नी को गंभीर हालत में पटना रेफर किया गया। कमिश्नर वंदना किन्नी बीते दिनों कोरोना पॉजिटिव पायी गईं थीं। इसके बाद वो होम क्वारेंटाइन थीं। 
आयुक्त के सचिव अमरनाथ साहा ने बताया कि बुधवार को सांस लेने में कुछ परेशानी की शिकायत के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना भेजने का निर्णय लिया गया। आयुक्त के प्रभार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। गुरुवार को पता चल पाएगा कि किसे प्रभार दिया गया है।
 उन्होंने बताया कि आयुक्त कार्यालय में कामकाज चल रहा है। बुधवार से कोविड सेल में काम शुरू हो गया। कार्यालय के पांच कर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसे देखते हुए रोस्टर पर कर्मियों को कार्यालय बुलाया जा रहा है। जिले में आयुक्त, डीएम, डीडीसी, एडीएम के अलावा डेढ़ दर्जन से अधिक कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। 
जांच में तेजी लायें : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने  कोरोना संक्रमण की रोकथाम और इलाज आदि की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। प्रभारी डीएम सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि लक्षण वालों की जांच करायी जायेगी। अस्पतालों में इलाज सहित अन्य व्यवस्था के लिए नियंत्रण कक्ष खोलने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने जांच के लिए संसाधन बढ़ाने का निर्देश दिया है।

बिहार के 10 जिले में 6 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर GS NEWS

बिहार में वैश्विक महामारी कोरोना के बाद  बाढ़ का प्रकोप  बिहार को झेलना पड़ रहा है बिहार के 10 जिलों की करीब 6.36 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है और 18,612 लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 10 जिलों सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चंपारण एवं खगड़िया जिले के 55 प्रखंडों के 282 पंचायतों की करीब 6.36 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। वहां से सुरक्षित निकाले गए 18,612 लोग दस राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बागमती नदी सीतामढी, मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा, बूढी गंडक मुजफ्फरपुर एवं समस्तीपुर, कमला बलान मधुबनी, लालबकिया पूर्वी चंपारण, अधवारा सीतामढी, खिरोई दरभंगा और महानंदा किशनगंज एवं पूर्णिया जिला में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि जुलाई महीने में भारी बारिश के बावजूद सभी तटबंध सुरक्षित हैं तथा तकनीक के उपयोग और विभाग की अतिरिक्त सतर्कता के कारण तटबंध पर उत्पन्न खतरों को समय रहते टाला जा सका है।
बिहार में बाढ़ के खतरे के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 21 टीमों को राज्य के विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की मांग पर एनडीआरएफ की 21 टीमों को प्रदेश के 12 जिलों में तैनात किया गया है।
इस बीच बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने दरभंगा और मधुबनी जिलों के बाढ प्रभावित इलाकों का बुधवार को दौरा किया। तेजस्वी ने संवाददाताओं से कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि बाढ पीडितों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था करे तथा बाढ़ के कारण हुए उनके नुकसान को देखते हुए उनकी आर्थिक मदद करनी चाहिए थी।
वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने तेजस्वी पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि जिनके माता-पिता के राज में 90 करोड़ रुपए का बाढ़ राहत घोटाला हुआ, वे कुछ बाढ़ पीड़ितों को एक वक्त का भोजन कराते हुए फोटो खिंचवा कर राजद राज के पाप धोने की कोशिश कर रहे हैं। सुशील ने ट्वीट कर तेजस्वी पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें कैग की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए, जिसमें खुलासा किया गया है कि बिहार को केंद्र सरकार से मिली बाढ़ सहायता की 90 करोड़ की राशि का फर्जीवाड़ा कैसे हुआ था।

नवनिर्वाचित के पांच राज्यसभा सांसद ने ली शपथ सभापति बोले..जिस पेन से साइन करें उसे साथ लेकर जाएं


बिहार के राज्यसभा के नवनिर्वाचित 5 सांसद समेत 44 सांसदों को आज सभापति वेंकैया नायडू पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान सभापति ने कहा कि जिस पेन से आपलोग साइन करें उस पेन को अपने साथ ले जाए. जेडीयू के हरिवंश और रामनाथ ठाकुर, बीजेपी के विवेक ठाकुर और आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेन्द्रधारी सिंह ने शपथ दी. राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू अपने चेंबर में सभी सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पहले से ही सदस्यों को कहा गया था कि अपने साथ सिर्फ एक गेस्ट को लेकर ही आए.
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को उच्च सदन के नवनिर्वाचित 61 सदस्यों में से 45 को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. कोविड-19 महामारी के कारण अंतर सत्र के दौरान शपथ ग्रहण समारोह राज्यसभा के चैंबर में आयोजित किया गया. उपराष्ट्रपति एवं उच्च सदन के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा, ''देश के विधि निर्माता के रूप में आपका चुनाव हुआ है.

 अपने दायित्व के निर्वहन में आप सुनिश्चित करें कि सदन में आपका आचरण नियमों के अनुकूल हो, स्थापित मानदंडों के अनुरूप हो और सदन के बाहर आपका आचरण नैतिकता के मानदंडों के अनुसार हो.''
बिहार से जेडीयू के हरिवंश और रामनाथ ठाकुर, राजद के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह तथा बीजेपी के विवेक ठाकुर ने भी बुधवार को राज्यसभा सदस्य के पद और गोपनीयता की शपथ ली.

 मालूम हो कि हरिवंश इससे पहले साल 2014 में राज्यसभा के लिए चुने गये थे. उसके बाद राज्यसभा के उपसभापति बने थे. वहीं, रामनाथ ठाकुर भी दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गये हैं. राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के करीबी मानेजाने वाले प्रेमचंद गुप्ता भी दूसरी बार राज्यसभा सदस्य बने हैं. इससे पहले वह झारखंड से राज्यसभा पहुंचे थे. वहीं, राजद के अमरेंद्र धारी सिंह और विवेक ठाकुर पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं.

अभी अभी बिहार में मिले कोरोना के 1502 नए मामले राज्य में आंकड़ा पहुंचा 30066 GS NEWS



बिहार में वैश्विक महामारी कोरोना का रफ्तार काफी तेजी से बढ़ रहा है प्रत्येक दिन सैकड़ों की तादाद में मरीज की संख्या सामने आ रही है देखते ही देखते पूरा बिहार इसकी चपेट में आ चुका है !
विभाग की ओर से ताजा अपडेट के मुताबिक बिहार में कोरोना के 1502 नए केस सामने आए हैं जिसके बाद आंकड़ा बढ़कर 30066 पहुंच गया है. पटना जिले में सबसे ज्यादा 452 मे कोरोना के नए मरीज पाए गए हैं. 
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अरवल में 9, औरंगाबाद में 2, बाँका में 1, बेगूसराय में 24, भागलपुर में 31, बक्सर में 1, दरभंगा में 4, गया में 54, पूर्वी चंपारण में 1, गोपालगंज में 2, जमुई में 11, जहानाबाद में 39, कटिहार में 27, खगड़िया में 12, लखीसराय में 3, मधेपुरा में 10, मधुबनी में 1, मुंगेर में 1, मुजफ्फरपुर में 113, नालंदा में 35, नवादा में 31, पटना में 174, पूर्णिया में 2, रोहतास में 1, सहरसा में 7, शेखपुरा में 10, शिवहर में 3, सीतामढ़ी में 22, सीवान में 12, सुपौल में 15, वैशाली में 46 और पश्चिमी चंपारण में 24 नए संक्रमित मिले हैं।
21 जुलाई को अब तक 730 नए मामले सामने आए


सिस्टम में 20 जुलाई और उससे पहले के 772 मामले सामने आए हैं

बिहार शेल्टर होम मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने बृजेश ठाकुर की याचिका पर CBI से मांगा जवाब GS NEWS

बिहार के मुजफ्फपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है. जस्टिस विपिन संघी और जस्टिस रजनीश भटनागर की बेंच ने मामले में सुनवाई के बाद सीबीआई को नोटिस दिया है. अब मामले में अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी. मालूम हो कि इस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे ब्रजेश ठाकुर ने साकेत कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है. बुधवार को सुनवाई के दौरान ब्रजेश ठाकुर की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है.
19 को मिली थी सजा
निचली अदालत ने ब्रजेश ठाकुर समेत 19 लोग को दोषी करार दिया था. निचली अदालत ने ब्रजेश ठाकुर पर 32.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. हाई कोर्ट में दायर याचिका में ब्रजेश ठाकुर ने उसे दोषी ठहराने एवं उम्रकैद की सजा सुनाने के 20 जनवरी, 2020 के साकेत कोर्ट के फैसले रद्द करने की मांग की है.
निष्पक्ष सुनवाई की मांग
अधिवक्ता निशांक मत्तो के माध्यम से दायर चुनौती याचिका में ब्रजेश ठाकुर ने कहा कि साकेत कोर्ट ने जल्दबाजी में सुनवाई की और यह उनके निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन है. उसने यह भी दावा किया कि उसके खिलाफ निचली अदालत ने पक्षपातपूर्ण तरीके से सजा का फैसला सुनाया. अपील याचिका में कहा गया कि निचली अदालत का फैसला गलत, दोषपूर्ण है और इसे रद किया जाना चाहिए.
20 जनवरी को आया था फैसला
उल्लेखनीय है कि देश के इस चर्चित मामले की सात माह तक सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई नियमित सुनवाई के बाद दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 20 जनवरी 2020 को ब्रजेश ठाकुर को पॉक्सो की धारा-6, दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की धारा में दोषी करार दिया था
सुप्रीम कोर्ट कर रही थी निगरानी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह मामला बिहार के मुजफ्फरपुर की जिला अदालत से साकेत कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था. पूरा मामला तब सामने आया था जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज ने बिहार सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि बालिका गृह में लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया जा रहा है.


तेजस्वी ने कोरोना से BJP MLC की मौत पर सरकार से पूछा - क्या बिहार में अब भी चुनाव होना चाहिए? GS NEWS

बिहार में कोरोना संक्रमण को लेकर नीतीश सरकार पर लगातार हमलवार की भूमिका निभा रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने एक बार फिर बिहार सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने भाजपा एमएलसी सुनील कुमार सिंह की मौत पर दुख व्यक्‍त करते हुए राज्य सरकार से सवाल किया है कि क्या अब भी सूबे में विधानसभा चुनाव होना चाहिए? 
वहीं दूसरी ओर तेजस्वी ने एनएमसीएच के अधीक्षक को हटाये जाने पर भी सरकार पर सवाल खड़े किये हैं। तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा कि मीटिंग के बीच टिकटॉक देखना, स्कोर पूछना और हमारा ट्वीट कॉपी-पेस्ट करने जैसा बचपना छोड़ गंभीर बनिये पांडे जी। केंद्रीय टीम ने CM और आपको आइना दिखाया है। अगर केंद्रीय टीम ने सरकार को इतना ही सराहा तो उनके जाते ही NMCH के अधीक्षक को आपने क्यों हटा दिया? महाराज आप ख़ुद ही फंस जाते हैं।
उल्लेखनीय है बिहार में कोरेाना संक्रमण के चलते पूरा विपक्ष वर्तमान स्थिति में  विधान सभा चुनाव के पक्ष में  नहीं है।  राजग के घटक दल के सदस्य लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी कोरोना के चलते बिहार में चुनाव कराने विरोध में अपना बयान दिया है।
लगातार सरकार से सवाल पूछ रहे तेजस्वी
इससे एक दिन पहले तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि राज्य में सरकार आमलोंगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। बिना सैम्पल लिये जांच रिपोर्ट आ जाती है। जिसका सैम्पल लिया जाता है, उसकी रिपोर्ट आने में कई दिन तक लग जा रहे हैं। कई बार मरीज के मरने के बाद रिपोर्ट आती है। आखिर यह कैसी स्थिति है? उन्होंने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आशंका जताई है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की भारी कमी के कारण बिहार कोरोना का राष्ट्रीय हॉटस्पॉट बन सकता है। 

लेकिन हमें तो डर सता रहा है कि कहीं यह ग्लोबल हॉटस्पॉट ना बन जाए। जब तक बड़ी संख्या में जांच नहीं होगी संक्रमण की भयावहता का सही अंदाज़ा कैसे लगेगा? उन्होंने कहा है कि हर जिले में पूर्णत: समर्पित कोविड अस्पताल होना चाहिए। कम से कम प्रमंडलीय स्तर पर तो कोविड समर्पित अस्पताल तो यथाशीघ्र बनवाना ही चाहिए। आरोप लगाया कि मरीज़ों को अस्पताल में बेड नहीं होने का हवाला देकर भर्ती नहीं किया जा रहा है। डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के पास पीपीई किट और सही मास्क तक नहीं हैं।

मंगलवार, 21 जुलाई 2020

समस्तीपुर के सिविल सर्जन की मौत, कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद एम्स में चल रहा था इलाज GS NEWS

कोरोना संक्रमण का संकट स्वास्थ्य विभाग के ऊपर भी गहराता जा रहा है.राज्य में कई डाक्टरों की मौत के बाद अब समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ आर आर झा की मौत की खबर आ रही है. समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ आर आर झा की मौत

 सिविल सर्जन डॉ आर आर झा की इलाज के दौरान एम्स में हुई मौत. कोरोना से पीड़ित डॉ आर आर झा का इलाज पटना एम्स में चल रहा था। उनकी तबीयत पिछले 2 दिनों से बिगड़ गई थी और आज सुबह उनकी मौत हो गई है। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद एक सप्ताह पूर्व एम्स में कि गया था भर्ती
एडीएम राजीव रंजन ने डॉ आर आर झा के मौत की पुष्टि की है. स्वास्थ्य विभाग के लिए यह एक बड़ी क्षति मानी जा रही है. वहीं डॉ झा की मौत की खबर से स्वास्थ्य विभाग में गम का माहौल बना हुआ है.

समस्तीपुर के सिविल सर्जन लगातार कोरोना संक्रमण के बीच मुस्तैदी से मरीजों की सेवा कर रहे थे। संक्रमण के बावजूद हर दिन अपने दफ्तर में जाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था और उन्होंने एक कोरोना वारियर के तौर पर बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई लेकिन मरीजों का इलाज करने के दौरान ही वह खुद संक्रमित हो गए। कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पटना एम्स में उनको एडमिट कराया गया था जहां लगातार डॉक्टर उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए थे। 

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा:-कोरोना से लड़ने के बजाय छुपकर बैठे हैं नीतीश कुमार GS NEWS

बिहार में बिगड़ते हालात को देखते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बेला बिहार में बाढ़ की स्थिति और कोरोनावायरस को  प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि एक तरफ कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और उन पर नियंत्रण की स्थिति बद से बदतर है तो दूसरी तरफ बाढ़ को लेकर भी सरकार की तैयारी कहीं नजर नहीं आ रही है.
छुप कर बैठे हैं नीतिश कुमार
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगस्त में विधानमंडल का मानसून सत्र है. उसमें हम सरकार की खामियों को उजागर करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की ऐसी बदतर स्थिति में भी छुप कर बैठे हैं. जबकि उन्हें सामने आकर सब कुछ संभालना चाहिए. बाढ़ की स्थिति भी विकराल रूप लेती जा रही है. सभी नदियों का पानी उफान पर है. सैकड़ों लोग घर से बेघर हो गए हैं, लेकिन सरकार को इसकी परवाह नहीं है.
एनएमसीएच की स्थिति बदतर'
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए बिहार के डेडीकेटेड कोविड अस्पताल एनएमसीएच की स्थिति कैसी है, यह सामने आ गया है. हम पहले भी कहते रहे हैं कि वहां की व्यवस्था सही नहीं है. वहां स्टाफ नहीं है. डॉक्टरों को पर्याप्त संख्या में पीपीई किट और अन्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैंं.
सरकार हर मोर्चे पर फेल'
तेजस्वी यादव ने कहा कि जब एनएमसीएच के पूर्व अधीक्षक एनके सिन्हा ने सारी स्थिति केंद्रीय टीम के सामने बयां की तो उन्हें हटा दिया गया. आरजेडी नेता ने आरोप लगाया कि यह सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है. सरकार के मुखिया कई दिनों से घर से बाहर नहीं निकले हैं. वह मीडिया के सामने आकर लोगों की परेशानी क्यों नहीं बता रहे हैं.