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रविवार, 26 जुलाई 2020

'मन की बात' कार्यक्रम के तहत PM मोदी ने मोती की खेती करने वाले बिहार के युवाओं की सराहना बोले:- आत्मनिर्भर बनने की राह GS NEWS

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के तहत देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने लोगों को फिर एक बार आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया. पीएम ने कहा कि जब हम कुछ नया करने की या इनोवेटिव सोचते हैं तो ऐसे काम भी संभव हो जाते हैं जिनकी कोई कल्पना भी नहीं करता. उन्होंने बिहार में मोतियों की खेती कर रहे युवाओं की सराहना की.
कर रहे हैं अच्छी आमदनी 
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के कुछ युवा पहले दूसरों की नौकरी करते थे. लेकिन फिर उन्होंने मोती की खेती करने का सोचा. हालांकि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. जिसके बाद उन्होंने जयपुर और भुवनेश्वर जाकर इसकी पूरी जानकारी ली और अपने गांव वापस आकर आज इससे अच्छी आमदनी कर रहे हैं.
आत्मनिर्भर बनने की राह 
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये युवा न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि दूसरों को भी बना रहे हैं. नरेंद्र मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राज्य वापस लौटे मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और पटना के प्रवासी मजदूरों को भी ये युवा मोती की खेती की ट्रेनिंग दे रहे हैं. साथ ही उनके आत्मनिर्भर बनने की राह आसान कर रहे हैं.

मधुबनी पेंटिंग की चर्चा
पीएम ने मास्क पर बनाए जा रहे मधुबनी पेंटिंग की भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि बिहार में कई वुमन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स ने मास्क पर मधुबनी पेंटिंग बनाना शुरू किया. जो काफी पॉपुलर भी हुआ. नरेंद्र मोदी ने कहा कि सकारात्मक अप्रोच से हमेशा आपदा को अवसर में और विपत्ति को विकास में बदलने में काफी मदद मिलती है.
जवानों को नमन
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को भी नमन किया. नरेंद्र मोदी ने कहा कि करगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ वो भारत कभी भूल नहीं सकता है. पीएम ने कहा कि उस समय उन्हें करगिल जाने और वीर जवानों के दर्शन का सौभाग्य मिला था. ये पल उनके जीवन के अनमोल क्षणों में से हैं. पीएम ने इससे पहले 28 जून को मन की बात को संबोधित किया था. जहां उन्होंने देश में चल रहे अहम मुद्दों पर अपने विचार साझा किए थे.

कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने अफसरों को लगाई फटकार, क्यों हुए मुख्यमंत्री नाराज देखें पूरी रिपोर्ट GS NEWS

मुख्यमंत्री ने 20,000 कोरोना संक्रमण टेस्टिंग करने का निर्देश काफी वक्त पहले दे रखा है, लेकिन विभाग अभी भी 10,000 से 12,000 के बीच में अटका हुआ है. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की इसको लेकर जमकर क्लास लगाई है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने भी प्रधान सचिव को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी. उस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधान सचिव को भी जमकर फटकार लगाई है. उन्होंने हर हाल में रोजाना 20,000 जांच का लक्ष्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है.
सीएम ने अधिकारियों की लगाई फटकार
बिहार में कोरोना संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं. अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराजगी भी बैठकों में दिखने लगी है.  कैबिनेट की बैठक और उसके बाद कोरोना की समीक्षा बैठक में भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों पर नाराजगी दिखाई. जो जानकारी मिल रही है स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने मुख्यमंत्री से प्रधान सचिव को लेकर शिकायत भी की थी कि बात नहीं सुनते हैं. इस पर भी मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव को जमकर फटकार लगाई है.
मुख्यमंत्री की सबसे ज्यादा नाराजगी बिहार में अब तक कोरोना जांच 20,000 लक्ष्य प्राप्त नहीं करने को लेकर थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दिल्ली सहित अन्य राज्यों में 20,000 से अधिक टेस्ट हो रहे हैं तो बिहार में क्यों नहीं. उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द  20 हजार जांच शुरू करने का निर्देश दिया है.

कैबिनेट की बैठक में 28 एजेंडे पर लगी मुहर
मुख्यमंत्री ने 3 सप्ताह बाद कैबिनेट की बैठक की और उसमें 28 एजेंडे पर मुहर लगी. सरकारी सेवकों की मौत पर विशेष पारिवारिक पेंशन देने का बड़ा फैसला लिया गया है. 2004 के बाद सर्विस में आने वालों के लिए यह सौगात है. साथ ही मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट ढाई सौ करोड़ रुपए के व्यय की अनुमति को मुहर भी लगी है. आठ डॉक्टरों की बर्खास्तगी पर ही फैसला हुआ है. मुख्यमंत्री की नाराजगी जांच और इलाज को लेकर हो रही लापरवाही को लेकर था

स्वास्थ्य विभाग की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री आवास में कोरोना संक्रमण मामले मिलने के बाद समीक्षा बैठक बंद कर दी गई थी. सीएम मुख्य सचिव और बड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दे रहे थे. लेकिन अब मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा है कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग की पूरी समीक्षा करेंगे. ऐसे में तय है कि मुख्यमंत्री की नाराजगी के कारण स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है.

शनिवार, 25 जुलाई 2020

पीएम नरेंद्र मोदी ने सुब्रमण्यम स्वामी के पत्र को किया स्वीकार ,सुशांत सिंह राजपूत के निधन में हो सकती है सीबीआई जांच GS NEWS

दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत से फैन्स का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। वह लगातार सोशल मीडिया पर उनके केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। नेपोटिज्म और फेवरेटिज्म को लेकर सेलेब्स के बीच बहस जारी है। हाल ही में एक्टर की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ ओटीटी प्लैटफॉर्ट पर रिलीज हुई है। फिल्म को देखकर फैन्स के आंसू नहीं रुक रहे हैं। 
कंगना रनौत, शेखर सुमन समेत कई सेलेब्स भी अब एक्टर की मौत की सीबीआई जांच के लिए बोल रहे हैं। हाल ही में पॉलिटिशियन सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस बारे में बात की। उन्होंने 15 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने एक्टर की मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी। अब दिल्ली के वकील इशकरण सिंह भंडारी ने सोशल मीडिया पर बताया है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सुशांत सिंह राजपूत केस की सीबीआई जांच के पत्र को स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा उन्होंने एक दूसरे ट्वीट में पत्र की फोटो शेयर की है। 
आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून की सुबह मुंबई के बांद्रा वाले घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। फैन्स सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो और फोटो शेयर कर उन्हें अभी तक श्रद्धांजलि दे रहे हैं। रही बात सीबीआई जांच की तो अभी सिर्फ पीएम मोदी ने पत्र को स्वीकार किया है। सीबीआई को केस सौंपा नहीं है।

बिहार सरकार का ऐलान:- कोरोना से मरने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिजन को 'विशेष परिवार पेंशन' GS NEWS

बिहार कैबिनेट ने राज्य में ड्यूटी के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिजन को विशेष परिवार पेंशन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव मिथिलेश कुमार सिंह द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, ड्यूटी के दौरान कोविड-19 से मरने वाले सरकारी कर्मचारियों के निकटतम परिजन को मौजूदा लाभ के अलावा अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी।
सचिव ने बताया कि अगर परिजन नौकरी नहीं करना चाहते हैं तो ऐसे सरकारी कर्मचारी के परिवार को उसके सेवानिवृत्त होने की तारीख पर पूरी सैलरी दी जाएगी। यह फैसला एक अप्रैल, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक प्रभावी रहेगा।
आपको बता दें कि बिहार में कोरोना वायरस का कहर लगतार बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिन बिहार में 2803 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान की गई। वहीं, इसी दौरान 11 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में अबतक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 36,314 हो गई और मृतकों की संख्या 232 पहुंच गई। इसके अलावा, राज्य में अबतक 24,520 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार बिहार में रिकवरी रेट 67.52 प्रतिशत है।

पटना में सबसे अधिक 544 नए संक्रमित मिले
पटना में बीते दिन सबसे अधिक 544 नए संक्रमित मरीजों की पहचान की गई। जबकि भागलपुर में 149, गया में 134, मुजफ्फरपुर में 54 और पूर्णिया में 120 नए संक्रमितों की पहचान हुई।

बिहार:- स्कॉर्पियो और ट्रक आमने सामने भीषण टक्कर, मौके पर ही 4 लोगों की मौत GS NEWS


बिहार के बेगूसराय जिले के लाखो ओपी क्षेत्र के एनएच-31 पर  देर रात ओपी के सामने  स्कॉर्पियो और ट्रक की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं, घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। 
पुलिस के अनुसार बेगूसराय से खगड़िया की ओर जा रही स्कॉर्पियो विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कार्पियो में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है मृतकों में तीन लाखो ओपी के कासिमपुर गांव व एक भगवानपुर के रहने वाले थे।
इस घटना के बाद काफी देर तक एनएच 31 पर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न रहा. इस घटना के बाद उस जगह देखने के लिए काफी भीड़ जुड़ गई. मिली जानकारी के अनुसार लाखो ओपी क्षेत्र के आजाद नगर कासिमपुर में श्राद्ध कर्म हो रहा था. इसी क्रम में दही खत्म हो गया था. जिसमे 5 लोग स्कॉर्पियो पर सवार होकर दही लाने के लिए गए हुए थे.

 जब सिंघौल ओपी क्षेत्र के रजौरा से दही लेकर वापस लौट रहे थे. तभी अचानक स्कार्पियो का संतुलन बिगड़ गया और स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर ट्रक की साइड में जाकर ट्रक में  जोरदार टक्कर मार दी. इस टक्कर में स्कॉर्पियो पूरी तरह से परखच्चे उड़ गए. जिसमें 4 लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई. जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है जिसका स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है. 
घटना की सूचना मिलते ही लाखो थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर चारों शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई. वहीं इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है.

JDU नीतीश कुमार की पार्टी की मांग, समय पर हो बिहार विधानसभा चुनाव GS NEWS


बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति दिन प्रतिदिन बेकाबू होते जा रही है। ऊपर से राज्य बाढ़ से भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इन विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के विपक्षी दल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के पक्ष में नहीं हैं। दूसरी तरफ सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) समय पर चुनाव कारने की मांग कर रहा है। बिहार सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने शनिवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव समय पर होने चाहिए ताकि नई सरकार विकास का काम कर सके।


जेडीयू प्रवक्ता व सांसद ने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि चुनाव समय पर हों। हम चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि नई सरकार विकास के लिए काम करे। राजीव रंजन ने कहा कि बिहार सरकार पर कोरोना संक्रमण और बाढ़ को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीज के लिए अस्पतालों में 5000 बेड बनाए गए हैं। साथ ही राज्य में प्रतिदिन 20 हजार लोगों के सैंपल की जांच का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।


बिहार में अक्टूबर-नवंबर के महीने में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए विपक्षी दल, खासकर राजद ऐसी परिस्थिति में चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। तेजस्वी यादव लगातार सार्वजनिक तौर पर वर्तमान स्थिति में चुनाव कराने के खिलाफ बयान दे चुके हैं। वहीं एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान भी इस हालात में चुनाव के पक्ष में नहीं हैं।

अभी हाल ही में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव बाढ़ प्रभावित मधुबनी के दौरे पर गए थे। यहां पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे लाशों की ढेर पर बिहार में विधानसभा चुनाव नहीं होने देंगे। तेजस्वी ने कहा था, 'बिहार की स्थिति भयावह और नाजुक है। गांव के गांव बाढ़ से त्रस्त हैं। हम चुनाव आयोग से निवेदन करते हैं कि वो इसपर विचार करे। तेजस्वी ने कहा कि लोग मर रहे हैं। ऐसे में वो वोट करने कैसे जा पाएंगे।'

तेजस्वी ने कहा था, 'हमारी पहली प्राथमिकता है जान बचाना, क्योंकि जान है तो जहान है। लोकतंत्र में लोक नहीं रहेगा तो तंत्र का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। आप चाहते हो कि लोग वोट करने आएं और सीधे श्मशान घाट जाएं। लाशों की ढेर पर हम चुनाव नहीं होने देंगे। बाढ़ के कारण जो फिलहाल हालात हैं, उसमें सोशल डिस्टेंसिंग तो छोड़ दीजिए, लोगों को जान बचाने में मुश्किल आ रही है।'


अभी अभी बिहार में मिलें कोरोना के 2803 नए मामले, राज्य में आंकड़ा पहुंचा 36314 GS NEWS

बिहार में जानलेवा वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ते जा रहा है प्रत्येक दिन सैकड़ों की तादात में मरीज की संख्या सामने आ रही है संक्रमित की संख्या में भी वृद्धि होती जा रही है प्रत्येक जिला इसकी चपेट में आ चुका है इस महामारी से बिहार में काफी त्राहि मची हुई है 

इसके साथ ही बिहार के कई इलाके में बाढ़ से बुरा हाल है  स्वास्थ्य विभाग की ओर से ताजा अपडेट जारी की गई है. इस अपडेट के मुताबिक बिहार में 2803 लोग कोरोना पॉजिटव मिले हैं. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 36314 हो गई है.

स्वास्थ्य विभाग ने जारी लिस्ट के अनुसार हर रोज की तरह पटना में कोरोना का कोहराम जारी है. आज फिर 544 कोरोना के मरीज मिले हैं.तेजी के संक्रमण बढ़ता जा रहा है. सारण में भी कोरोना का कोहराम जारी है. आज फिर 33 कोरोना के मरीज मिले हैं. बेगूसराय में 113 कोरोना के मरीज मिले हैं. मुजफ्फरपुर में 54 कोरोना के मरीज मिले हैं.कटिहार में 177,नवादा में 197, रोहतास में 168 कोरोना के मरीज मिले है. आज के लिस्ट के अनुसार कई जिलों में आज मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है.

24 जुलाई को अब तक 1021 नए मामले सामने आए 


23 जुलाई और उससे पहले के 1782 मामले सिस्टम में बताए गए हैं
  

बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाके में राहत लिए उतरे सेना के तीन हेलीकॉप्टर, गिरा रहे राहत सामग्री GS NEWS


जिले में बाढ़ में फंसे लोगों तक खाना पहुंचाने के लिए वायुसेना की मदद ली गई है. वायुसेना के तीन हेलिकॉप्टर बाढ़ पीड़ितों के बीच खाना गिरा रहे हैं. दो हेलिकॉप्टर दरभंगा और मोतिहारी में राहत कार्य चला रहे हैं. वहीं, एक हेलिकॉप्टर पटना से गोपालगंज में राहत सामग्री ले जाकर एयर ड्रॉपिंग कर रहा है.
कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
दरभंगा जिले के कई प्रखंड बाढ़ की चपेट में है. कई गांवों में पानी घुस गया है. मुख्यालय में का भी हाल बेहाल हो रहा है. यहां के सदर थाने में पानी घुस चुका है. अधिकारियों और कर्मियों को आवागमन के लिए नाव उपलब्ध कराई गई है. वहीं यहां के बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए पटना से हेलिकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री बांटी जा रही है.
कई जिले बाढ़ की चपेट में
बता दें कि बिहार में बाढ़ का कहर इन दिनों जारी है. उत्तर बिहार की कई नदियां उफान पर है. जिससे प्रदेश के करीब 10 जिले बाढ़ की चपेट में है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर इसका असर पड़ रहा है. कई तटबंधों में रिसाव भी हो रहा है. बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे भी किया जा रहा है.

पूर्णिया: सिलेंडर विस्फोट से 4 लोग झुलसे, चाय बनाने के दौरान हुआ हादसा GS NEWS

जिले में घरेलू गैस विस्फोट से एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है. घटना डगरुआ प्रखंड के टोली पंचायत के डुब्बा गांव की बताई जा रही है. जहां एलपीजी गैस के चपेट में आने से एक ही परिवार के 4 लोग बुरी तरह झुलस गए हैं. हताहतों में 2 महिला, एक पुरुष और एक बच्चा शामिल है.
फिलहाल सभी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. जिनकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि यह हादसा चाय बनाने के दौरान हुआ है.
एक माचिस की तीली से घर में पसरा मातम
मिली जानकारी के मुताबिक डगरुआ थाना अंतर्गत आने वाले टोली पंचायत के डुब्बा का यह परिवार रोजाना की तरह चाय की चुस्कियों का आनन्द लेने रसोईघर से लगे आंगन में बातचीत में मशगूल था. अचानक तभी घर के मुखिया मोहम्मद अलीम ने गैस पर माचिस की तीली जलाई. इसके बाद जो हुआ उसका मंजर इतना भयावह था कि पल भर में इस हंसते-खेलते परिवार में मातम और चीखें-पसर गई.

सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
बताया जाता है कि हादसे के तुरंत बाद अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई. लोग अपनी-अपनी जान बचाने को इधर-उधर भागने लगे. जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया गया. आग में झुलसे सभी 4 लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया है.
परिवार के 4 लोग हुए घायल
वहीं भीषण गैस विस्फोट हादसे के सभी हताहत की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. घटना में झुलसे लोगों में घर का मुखिया मोहम्मद अलीम, बहन सुहाना परबीन, पत्नी साजिया बेगम सहित 7 साल का मासूम मोहम्मद सादिक भी शामिल है.
तो ये रही घटना की वजह
घटना के पीछे सिलेंडर प्रशिक्षण की कमी की बात सामने आ रही है. बताया जाता है कि कमरे में पहले से ही एलपीजी सिलेंडर लीक कर रहा था. जिसके बाद माचिस जलाते ही यह दर्दनाक हादसा हुआ. फिलहाल इस घटना के बाद जहां परिवार में चीख पुकार मची है, वहीं समूचे गांव में मातमी माहौल है
20 जुलाई को भी हुआ था ऐसा हादसा
सप्ताह भर के अंदर घटित यह दूसरा बड़ा गैस विस्फोट का मामला है. इससे पहले 20 जुलाई को बायसी प्रखंड के गलगांव में ऐसा ही भीषण हादसा हुआ था. जिसमें 7 लोगों में से 6 हताहतों की मौत हो गई थी. जिसमें 5 बच्चे समेत एक महिला शामिल थी. घटना में झुलसा एक अन्य युवक अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी की सीएम नीतीश से अपील, कोरोना और बाढ़ जैसे गंभीर परिदृश्य में अदृश्य ना रहे GS NEWS

 बिहार में वैश्विक महामारी का प्रकोप लगातार बढ़ते जा रहा है प्रत्येक जिला संक्रमित होते जा रहा है बिहार में कोराना संक्रमण लगातार फैलता ही जा रहा है। अभी तक राज्य के 33 हजार से अधिक लोग इस महामारी के चपेट में आ चुके हैं। इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को एक ट्वीट कर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। 
अपने ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा है कि माननीय मुख्यमंत्री जी से हाथ जोड़कर ससम्मान विनम्र विनती है कि कृपया कोरोना और बाढ़ जैसे गंभीर परिदृश्य में अदृश्य ना रहे। 130 दिन हो गए है कृपया अब तो जनता के लिए घर से बाहर निकलिए। ऐसी सरकार और राजा का क्या फायदा जो मुसीबत के समय अपनी जनता को मरने के लिए भाग्य भरोसे छोड़ दे?
 तेजस्वी पर आरोप:-
तेजस्वी बाढ़ पीड़ितों से मिलने नहीं बल्कि जमीन की घेराबंदी कराने दरभंगा गए थे
जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मुंगेर के सांसद राजीव रंजन सिंह ललन ने दो दिन पूर्व दरभंगा-मधुबनी का दौरा करने वाले नेता विपक्ष तेजस्वी यादव पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि तेजस्वी पीड़ितों से मिलने नहीं, बल्कि अपनी जमीन की घेराबंदी कराने दरभंगा गए थे।
 यह तेजस्वी का निजी दौरा था। ललन सिंह ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद का परिवार जमीन के धंधे में लगा रहा है। नौकरी के नाम पर जमीन लिखवाना, टिकट के बदले जमीन लेना इस परिवार की परंपरा रही है। तेजस्वी यादव भी यही सब कर रहे हैं।