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मंगलवार, 28 जुलाई 2020

पटना एयरपोर्ट पर यात्री के बैग से मिला कारतूस, हैदराबाद जा रहा था शख्स GS NEWS

पटना एयरपोर्ट पर तब हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के बैग से कारतूस बरामद हुआ. यात्री पटना से हैदराबाद जा रहा था. शाम इंडिगो फ्लाइट में उसका टिकट था. एयरपोर्ट पर जांच के दैरान बैग में कारतूस होने की बात सामने आई. जिसके बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा में लगे जवान चौकस हो गए.
यात्री की पहचान छपरा के धूरापाली निवासी सोनू कुमार के रूप में हुई है. सामान की स्कैनिंग के दौरान सीआईएसएफ को शक हुआ. जिसके बाद बैग खोलकर देखा गया तो उससे कारतूस बरामद हुआ. सीआईएसएफ ने पूछताछ के बाद उसे एयरपोर्ट थाना के हवाले कर दिया था.
छानबीन कर रही पुलिस
पुलिस सोनू से पूछताछ कर रही है. वह हैदराबाद में एक निजी कंपनी में काम करता है. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार उसके नाम से किसी हथियार का लाइसेंस नहीं है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह किन कारणों से कारतूस लेकर हैदराबाद जा रहा था. पुलिस ने बताया कि मामले की छानबीन जारी है.

बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए प्रियंका-निक GS NEWS

प्रियंका ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने बचाव कार्य हेतु असम और बिहार के बाढ़ राहत संगठनों को सहायता राशि प्रदान की है और उन्होंने अपने फैंस को भी मदद स्वरुप डोनेशन के लिए कहा है
अभिनेत्री ने लिखा, "भारत में मानसून ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है. बिहार राज्य जहां मैं पैदा हुई थी वहां लगातार बारिश के चलते बाढ़ आ गई है."
उन्होंने लिखा, "असम की तरह यहां भी लोग प्रभावित हो गए हैं और कई लोग विस्थापित हो गए हैं. वे लोग तबाही से जूझ रहे हैं, उन्हें हर संभव मदद की जरूरत है, जो हम कर सकते हैं. निक और मैंने पहले ही कुछ संगठनों को दान दे दिया है, जिनकी टीम राज्य में सक्रिय है और हर संभव मदद के लिए आगे है. अब आपकी बारी है."
अभिनेत्री ने कुछ संगठनों के बारे में भी बताया, जहां कोई भी दान कर सकता है.

सुशांत के पिता ने लगाए ये आरोप:- रिया के पास रहता था सुशांत का फोन, करोड़ों रुपये पर हाथ साफ करने की थी योजना GS NEWS


सुशांत सिंह राजपूत हत्याकांड में एक बड़ा खुलासा सुशांत सिंह के पिता के के सिंह ने कराया प्राथमिकी दर्ज आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने राजीवनगर थाने में छह पेज में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में कई ऐसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनसे मुंबई पुलिस की जांच अछूती रह गई है। जिस मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ के बाद मुंबई पुलिस इसे करीब-करीब सुसाइड मान चुकी थी, अब पटना पुलिस ने इस मामले में साजिश की तहत आत्महत्या के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। 
पुलिस सूत्रों की मानें तो दर्ज एफआइआर में आरोप है कि रिया अपने स्वजन और अन्य साथियों के साथ सोची समझी साजिश के तहत सुशांत सिंह से जान पहचान बढ़ाने में लग गई थी। अच्छे संपर्क का फायदा उठाकर सुशांत सिंह के करोड़ों रुपये पर अपना हाथ साफ कर सके, यह उसकी योजना का हिस्सा था।
 आरोप है कि  षड्यंत्र  कर रिया और उसके स्वजन ने सुशांत से नजदीकियां बढ़ा लीं। फिर सुशांत के हर मामले में हस्तक्षेप करने लगे। इसी तरह सुशांत पहले जिस घर में रहते थे वह घर छुड़वा दिया गया। पटना पुलिस इस बिंदु पर पड़ताल करेगी कि उन्होंने पुराना मकान क्यों छोड़ा? सुशांत किसी चिकित्सक के संपर्क में थे या नहीं? इस बारे में भी जानकारी जुटाएगी।
किसके कंट्रोल में थे क्रेडिट कार्ड और बैंक खाते ?

आरोप है कि रिया और उसके स्वजनों ने सुशांत की हर चीज पर कब्जा जमा लिया था। यहां तक कि अपने परिवार से सुशांत सिंह की बात बहुत कम होने लगी। आरोप यह भी है कि सुशांत का फोन रिया और उसके परिजन अपने पास रखते थे। पटना पुलिस उस बिंदु पर भी जांच करेगी कि उनके क्रेडिट कार्ड या बैंक खाते का और किसने इस्तेमाल किया था। आरोप है कि सुशांत को जो नया मोबाइल नंबर दिया गया वह रिया के करीबी सैमियल मिरिंडा की आइडी पर लिया गया था। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
सुशांत सिंह के खाते में रखी 15 करोड़ जैसी मोटी रकम के गायब होने के खुलासे के बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है। अभिनेता के परिजनों ने रिया चक्रवर्ती पर गंभीर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा है कि बॉलीवुड में तेजी से उभर रहे सुशांत की मोटी रकम को गायब करने के लिये कहीं रिया ने तो ऐसी खतरनाक साजिश नहीं रची जिसका अभिनेता शिकार हो गये। 
इन धाराओं में दर्ज है मामला

पटना पुलिस ने सुशांत के पिता की लिखित शिकायत पर गलत तरीके से रोकना, चोरी, विश्वास हनन करना, आत्महत्या के लिए उकसाना, मामले में आरोपित की संख्या एक से अधिक होना, धमकी देना, छल करने जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें तीन गैरजमानतीय धारा दर्ज की गई हैं।
पिता बोले: सही समय आने पर वे पूरी बात सार्वजनिक करेंगे   
सुशांत सिंह के पिता ने केस दर्ज करने की पुष्टि की है। हालांकि इस बारे में उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर वे अभी बात सार्वजनिक करेंगे तो इसका असर पुलिस की जांच पर पड़ सकता है। लिहाजा सही समय आने पर वे पूरी बात सार्वजनिक करेंगे। 

सुरक्षा में तैनात 55 साल से अधिक उम्र के पुलिसकर्मियों को हटाने का निर्णय, संक्रमण के चलते सरकार ने लिया फैसला GS NEWS


बिहार में वैश्विक महामारी का संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है पूरी बिहार में इसकी चपेट में आ चुकी है इतना ही नहीं बिहार में बाढ़ का खतरा भी उतनी ही तेजी से बढ़ रहा है कई इलाके बाढ़ से डूब चुके हैं बढ़ते संक्रमण को लेकर नीतीश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

 सुरक्षा में तैनात 55 साल से अधिक उम्र के पुलिसकर्मियों को हटा दिया गया है। 55 साल से अधिक उम्र के जवान अब सुरक्षा में तैनात नहीं होंगे। उन्हें दूसरी जिम्मेदारी दी जाएगी।
बता दें कि जुलाई महीने में कोरोना के हैं। 43 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कई जिलों में पुलिस लाइन में कोरोना फैल चुका है। राजधानी पटना में ही बीएमपी के कई जवान कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं।
यह देखा जा रहा है कि 50-55 साल से अधिक उम्र के लोग कोरोना की चपेट जल्द आ जाते हैं। इसको देखते हुए बिहार सरकार ने 55 साल से अधिक उम्र के जवानों को सुरक्षा से हटाने का निर्णय लिया है

प्रशांत किशोर ने राज्य में बंद किया कार्यालय, 'बात बिहार की' कार्यक्रम पर भी ग्रहण GS NEWS

इस साल शुरुआत में जब प्रशांत किशोर पटना आए थे तो उन्होंने बड़ी-बड़ी बातें कही थी ! बात बिहार की' कार्यक्रम से अगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की घोषणा करने वाले प्रशांत किशोर ने राज्य में अपना कार्यालय तक बंद कर दिया है. प्रशांत किशोर का पटना के एग्जीबिशन रोड में लंबे समय से कार्यालय चल रहा था. उनकी टीम के कई सदस्य पूरे बिहार के लिए यहीं से काम कर रहे थे. लेकिन टीम के सदस्यों को प्रशांत किशोर ने बंगाल और तमिलनाडु शिफ्ट कर दिया. इसके बाद कार्यालय के बाहर ताला लगा हुआ है.
पीके ने बिहार से समेटा अपना कार्यालय 
बिहार विधानसभा चुनाव में किसी दल की तरफ से तवज्जो नहीं दिए जाने के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आखिरकार बिहार में अपना कार्यालय भी बंद कर लिया है. प्रशांत किशोर ने 40 से 50 लोगों की टीम 'बात बिहार की' कार्यक्रम के लिए तैयार किया था. अगामी विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू के कुछ महीनों में टीम ने काम भी किया था. लेकिन लॉकडाउन के बाद से ही प्रशांत किशोर ने अपनी टीम को समेटना शुरू कर दिया था. पहले अधिकांश सदस्यों को बंगाल और तमिलनाडु शिफ्ट कर दिया और अब पीके टीम के सदस्य शिवाजी के अनुसार पटना कार्यालय पूरी तरह बंद हो गया है.
बिहार का नहीं किया रुख 
बिहार में प्रशांत किशोर की गतिविधि पूरी तरह समाप्त हो गई है. इस साल के शुरुआत में जब प्रशांत किशोर पटना आए थे, तो उन्होंने दावा किया था कि तीन महीने में 10 लाख युवाओं को जोड़ेंगे और गांव तक राजनीति में अपनी भूमिका निभाएंगे. लेकिन उसके बाद प्रशांत किशोर ने बिहार का एक बार भी रुख नहीं किया. कोरोना संकटकाल में टीम के सदस्यों की फील्ड वर्क भी बंद हो गई. पूरा कार्यक्रम सोशल मीडिया तक सिमट कर रह गया और अब प्रशांत किशोर ने बिहार से अपने पूरे कार्यक्रम को ही समेट लिया है. चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर कि 'बात बिहार की' मुहिम का कुछ ही दिनों में हवा निकल गई.
पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता 
पीके ने 2015 बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उसके बाद ही नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी में दो नंबर की कुर्सी भी दी थी. जेडीयू के छात्र राजनीति की जिम्मेवारी भी उन्हें ही मिली थी और पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में पार्टी को जीत भी दिलाई थी. लेकिन पार्टी के अंदर उनके खिलाफ जिस प्रकार से नाराजगी बढ़ी आखिरकार उन्हें बिहार से बाहर जाना पड़ा. लोकसभा चुनाव में भी प्रशांत किशोर ने अपनी कोई भूमिका नहीं निभाई और बाद में पार्टी से उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखा दिया.
सोशल मीडिया पर करते रहे हमला 
प्रशांत किशोर की नीतीश कुमार के साथ मतभेद लगातार बढ़ती गई और वो सोशल मीडिया पर लगातार नीतीश कुमार पर हमला करते रहे. वहीं प्रशांत किशोर लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद बिहार आए और बिहार को बदलने की बात कही. लेकिन वह सब हवा हवाई निकला. फिलहाल बिहार पर उनकी नजर जरूर है. लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से नीतीश कुमार पर कोरोना को लेकर तंज

प्रभार संभालते ही प्रत्यय अमृत ने कहा:- हमारी पहली प्राथमिकता कोविड-19 के टेस्ट की क्षमता बढ़ाना GS NEWS

 बिहार में कोरोना काल के बीच बदला गया स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव यह दूसरा तबादला है जिसमें कोरोना काल के मध्य में बदला गया है प्रधान सचिव इसी बीच प्रत्यय अमृत को मिला स्वास्थ्य विभाग के नए सचिव की जिम्मेदारी, स्वास्थ्य विभाग के नए प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. प्रत्यय अमृत ने करीब आधे घंटे तक कई अधिकारियों के साथ बातचीत की. साथ ही मीडिया से कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता कोविड-19 के टेस्ट की क्षमता बढ़ाना है.
जनता के बीच भय का माहौल व्याप्त 
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग काफी बड़ा विभाग है. इसे समझने के लिए थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान कई बार बैठकों में स्वास्थ्य विभाग की भी कुछ जानकारियां मिलती रही है. प्रत्यय अमृत ने कहा कि राज्य की जनता के बीच व्याप्त भय के माहौल को समाप्त करना स्वास्थ्य विभाग की दूसरी प्राथमिकता है. जल्द ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है.
टेस्टिंग कैपेसिटी बढ़ाने की बात 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार टेस्टिंग कैपेसिटी बढ़ाने की बात कर रहे हैं. पहले बिहार सरकार ने 10 हजार का लक्ष्य रखा था बाद में इसे बढ़ाकर के 20 हजार का लक्ष्य किया है.
 नीतीश कुमार का मानना है जब दिल्ली जैसे राज्य में प्रतिदिन 35 से 40 हजार के टेस्ट हो सकता है तो बिहार में भी इसकी संख्या जरूर बढ़ाई जानी चाहिए.

अभी अभी बिहार में मिले कोरोना के 2480 नए मामले राज्य में आंकड़ा पहुंचा 43591 GS NEWS

बिहार में बेकाबू कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है पूरा बिहार इसकी चपेट में आ चुका है इस वायरस से संक्रमित मरीज की संख्या में प्रतिदिन इजाफा होता जा रहा है देखते ही देखते पूरा बिहार इस वायरस की चपेट में आ चुका है ! 
आपको बता दें कि बिहार में कोरोना का प्रत्येक दिन महा विस्फोट देखा जा रहा है स्वास्थ्य विभाग की ओर से ताजा अपडेट जारी की गई है. आज 2480 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं! 
 इस अपडेट के मुताबिक बिहार में 2480 लोग कोरोना पॉजिटव मिले हैं. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 43591 हो गई है.

27 जुलाई को अब तक 1749 नए मामले सामने आए हैं

सिस्टम में 26 जुलाई और उससे पहले के 731 मामले सामने आए हैं।

सादगी के साथ मनेगा स्वतंत्रता दिवस समारोह, गांधी मैदान में नहीं निकलेगी झांकी GS NEWS

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह को सादगी से मनाया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम गांधी मैदान में आयोजित होगा लेकिन इस बार झांकियां नहीं निकलेगी। कोविड-19 के संक्रमण के मद्देनजर इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह सादगी के साथ संपन्न होगा, जिसमें लोगों को मास्क का प्रयोग करने एवं सोशल डिस्टेंस कायम रखने पर बल रहेगा। 
आमतौर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 25 हजार आमंत्रण कार्ड छपते थे लेकिन इस बार लगभग 3 हजार कार्ड ही तैयार किया जा रहा है। गांधी मैदान में सीमित लोगों को ही प्रवेश की इजाजत होगी। प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने गांधी मैदान में होने वाले झंडोत्तोलन कार्यक्रम का तैयारी से संबंधित बैठक की। 
आयुक्त ने अधिकारियों को ससमय तैयारी पूरा कर लेने का निर्देश दिया। बैठक में मैदान की सफाई, समतलीकरण, रंग-रोगन, बैरीकेडिंग, पेयजल, बिजली आपूर्ति, लाउडस्पीकर की व्यवस्था, आमंत्रण पत्र, सीटिंग प्लान, पंडाल की व्यवस्था, लाइट आदि बिंदुओं पर समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को पूरी जवाबदेही के साथ समय से पूर्व कार्य निष्पादित करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर आर्मी, सीआरपीएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ, बीएमपी, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ-साथ सैप, डीएपी, स्वान दस्ता, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड एवं एनसीसी का परेड एवं सलामी होगी। परेड का अंतिम रिहर्सल 13 अगस्त को अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न होगा।
आयुक्त ने गांधी मैदान में बैरिकेडिंग करने का निर्देश कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण विभाग, पटना प्रमंडल पटना को दिया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों के बैठने के लिए दर्शक दीर्घा तथा समुचित पंडाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नगर निगम पटना को गांधी मैदान की समुचित सफाई के लिए कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने एवं कार्य आवंटित कर गांधी मैदान के भीतर एवं बाहर सफाई कराने का निर्देश दिया।

RJD कार्यालय में कोरोना वाइरस ने मारी एंट्री GS NEWS

बिहार में दिलवा दिन बदतर होते जा रहा है कोरोना का से बेकाबू हालात राज्य में कोरोना का कहर काफी तेजी से बढ़ता ही जा रहा है. आम लोगों से लेकर मंत्री तक सब इसकी चपेट में हैं. कोरोना वायरस अब आरजेडी कार्यालय में भी प्रवेश कर चुका है. सूत्रों के मुताबिक पार्टी के अकाउंटेंट कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.
लॉकडाउन में भी खुला है आरजेडी दफ्तर:- 

लॉकडाउन में भी खुला है आरजेडी दफ्तर हालांकि, अकाउंटेंट पिछले 10 दिनों से दफ्तर नहीं आ रहे थे. उन्हें पहले से ही संदिग्ध मानकर दफ्तर आने से मना किया गया था. बता दें कि लॉकडाउन की वजह से 16 जुलाई से ही बिहार के तमाम राजनीतिक दफ्तर बंद हैं. वहीं, राष्ट्रीय जनता दल कार्यालय में निर्माण कार्य की वजह से कुछ लोगों का आना जाना लगा हुआ है.
कई पार्टी के कई एमएलए कोरोना संक्रमितपार्टी के सूत्रों के मुताबिक, अकाउंटेंट जिनकी उम्र करीब 60 साल है. वह पटना सिटी में रहते हैं. उनके इलाके में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा था और संभवतः इसी कारण चपेट में आ गए.
 उन्हें संदिग्ध मानकर दफ्तर आने को मना किया गया था. इससे पहले पार्टी के कई विधायक भी संक्रमित पाए गए थे. इलाज के बाद वे स्वस्थ हो चुके हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह भी संक्रमण से उबर चुके हैं.