नारायणपुर - भवानीपुर थाना क्षेत्र के एन एच 31 पर बुधवार की संध्या लगभर 6:30 बजे बिजली ग्रीड के पास नवगछिया की और से तेज रफ्तार से आ रही अनियंत्रित स्कार्पियो के धक्के बलाहा निवासी साधो यादव की पत्नी विमला देवी का दाहिना पेड़ कट कर अलग हो गया. मौके पर पहुंचे भवानीपुर पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से जख्मी विमला को इलाज के लिए मधुरापुर बाजार अस्पताल पहुंचाया.प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए मायागंज रेफर किया.ग्रामीणों ने बताया कि जख्मी महिला को एन एच पार करने के दौरान तेज रफ्तार से गुजर रही स्कार्पियो ने रोंदते हुए पसराहा की और निकल गई.
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बुधवार, 18 मार्च 2020
भागलपुर में मॉल व जिम 31 मार्च तक बंद, हर माह दो करोड़ रुपये का कारोबार होगा प्रभावित, भागलपुर में कुल छोटे-बड़े हैं 18 मॉल GS NEWS
भागलपुर में कोरोना वायरस के कारण अब मॉल, जिम व स्वीमिंग पुल को प्रशासन ने 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश पर अमल होने के बाद भागलपुर के बाजार पर भी इसका असर पड़ेगा। मॉल व जिम में हर माह करोड़ों की कमाई होती है। कई मॉल में बाजार से कम दाम में सामान मिलते हैं। इसीलिए लोगों की भीड़ काफी जुटती है।
सीए प्रदीप कुमार झुनझुनवाला ने बताया कि भागलपुर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 18 मॉल हैं। जहां हर माह कम से कम दो करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न गली-मोहल्लों में लगभग 35 जिम हैं, जहां हर माह पांच लाख रुपये का कारोबार होता है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के कारण सरकार को ऐसा निर्णय लेना पड़ा है। हालांकि इससे आमलोगों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। बाजार में सभी सामान उपलब्ध हैं।
आदेश मिलते ही बंद कर दिया जिम व मॉल
शहर के एक प्रतिष्ठित जिम के ऑनर राजेश वर्मा ने बताया कि प्रशासन का आदेश अभी तक नहीं मिला है। जैसे ही आदेश मिल जायेगा जिम बंद कर दिया जायेगा। सरकार ने सुरक्षा के दृष्टिकोण ऐसा निर्णय लिया है। इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिम में कोरोना वायरस को लेकर भी युवाओं को जागृत भी किया जा रहा था। दूसरी ओर एक मॉल के मैनेजर ने बताया प्रशासन का कोई आदेश फिलहाल नहीं मिला है। आदेश मिलते ही मॉल बंद कर दिया जायेगा।
भागलपुर जिलें में DM का आदेश - मरीजों की जांच के लिए अस्पतालों में फ्लू कार्नर स्थापित करें , नियम का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी GS NEWS
भागलपुर में नोवल कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए सभी अस्पतालों में फ्लू कार्नर स्थापित करना होगा। इसको लेकर डीएम प्रणव कुमार ने बुधवार को दिशा-निर्देश जारी किया है।
जेएलएनएमसीएच के अधीक्षक, प्राचार्य,सदर अस्पताल के अधीक्षक,अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक सहित सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारी और निजी नर्सिंग होम, क्लीनिक और अस्पताल के संचालक और प्रबंधकों को पत्र भेजकर कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग की अधिसूचना के अनुसार सभी अस्पतालों में फ्लू कार्नर स्थापित करना है। डीएम ने कहा है कि विदेश यात्रा के लौटने वाले या उनके संपर्क में आने वाले व्यक्तियों पर भी नजर रखते हुए समुचित इलाज एवं कम से कम 14 दिनों तक उसकी देखरेख करनी है। ऐसे व्यक्तियों के केस हिस्ट्री को सुरक्षित रखते हुए प्रतिवेदन सिविल सर्जन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। कहा गया है कि फ्लू कार्नर की स्थापना नहीं करने वालों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी।
कर्मियों का रोस्टर बना
सरकारी कर्मी अब एक दिन छोड़कर कार्यालय आयेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों का रोस्टर बना दिया गया है। कर्मियों को इसकी सूचना भी दे दी गयी है।
पहले दिन एडवाइजरी का पालन नहीं
मंगलवार को डीएम ने कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी किया था। लेकिन एडवाइजरी जारी होने के पहले दिन बुधवार को ही सरकारी कार्यालयों में इसका पालन नहीं किया गया। सभी सरकारी कार्यालयों के प्रवेश विन्दु पर थर्मल स्कैनर तथा हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा संचिकाओं को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय न भेजने और प्रवेश द्वार पर डाक प्राप्ति की व्यवस्था करने को कहा गया था। पानी, साबुन,सैंड सैनेटाइजर की व्यवस्था करने को भी कहा गया था। बुधवार को किसी कार्यालय में व्यवस्था नहीं दिखी। केवल स्थापना शाखा के प्रवेश द्वार पर डाक प्राप्ति के लिए एक बॉक्स रखा गया था। कर्मचारियों ने बताया कि सामान उपलब्ध नहीं कराया गया है। एक-दो दिन में व्यवस्था कर ली जायेगी। कार्यालयों में आम लोगों की उपस्थिति नगण्य रही। कर्मी भी कम संख्या में दिखे। दो बजे तक अधिकारी भी क्षेत्र भ्रमण में जाने के चलते कार्यालय में नहीं थे।
भागलपुर : जगदीशपुर समपार पर ट्रैक्टर पलटा, इंटरसिटी रुकी सन्हौला-जगदीशपुर मार्ग पर टिकानी में है रैक प्वाइंट रेलवे लापरवाह, समपार पर दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ी GS NEWS
सन्हौला जगदीशपुर मार्ग पर टिकानी रेलवे रैक प्वाइंट के समीप बने रेलवे समपार पर बुधवार को सिमेंट से लदी ट्रैक्टर समपार के बीचों बीच पलट गई। ट्रैक्टर पलटने के कुछ देर बाद भागलपुर की ओर से आ रही बांका राजेन्द्र नगर इंटरसिटी ट्रेन को करीब छह मिनट के लिए रेलवे कर्मियों को जगदीशपुर एवं टिकानी स्टेशन के बीच में रोकना पड़ा। ट्रैक पर से सीमेंट की बोरी हटाये जाने के बाद ट्रेन रवाना हुई। बता दें कि मंगलवार की रात में भी समपार के बीचों बीच ईंट लदा ट्रैक्टर पलट जाने से वाहनों का परिचालन कुछ देर के लिए रूक गया था। इतना ही नहीं समपार सड़क की जर्जर स्थिति रहने के कारण आये दिन बराबर दुर्घटनाएं हो रही है। उसके बाद भी रेलवे प्रशासन इस पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर रही है। हालांकि लगातार दो दिनों मे दो ट्रैक्टर पलटने के बाद मामूली रूप से सड़क को दुरूस्त किया गया। वहीं पूर्व मुखिया घनश्याम मंडल, राजद नेत्री राबिया खातुन, भाजपा नेता रणवीर सिंह, जदयू नेता फुलेश्वर सिंह, प्रहलाद झा, धर्मेन्द्र महतो आदि ने बताया की सन्हौला मार्ग पर ट्रकों एवं यात्री वाहनों का काफी अधिक परिचालन बड़ गया है। रेलवे विभाग इस पर जल्द ओवर ब्रिज बनाकर लोगों की समस्या का निदान करें। या फिर कोला जगदीशपुर सड़क पर अंदर पास पुल का निर्माण करें ताकि छोटे छोटे वाहन एवं आम लोग उस रास्ते से अपना आवागमन सहीं से करें सकें।
भागलपुर के कहलगांव में पत्नी को दिया तीन तलाक, नाबालिग साली को लेकर जीजा फ़रार GS NEWS
भागलपुर जिले के कहलगांव में पत्नी को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित करने, तीन तलाक देने और नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर दूसरी शादी रचाने का मामला सामने आया है। इस संदर्भ में कहलगांव थाना क्षेत्र के महिषामुंडा गांव के मो. सौकत की पुत्री बीबी नसीमा ने भागलपुर में डीआईजी से मिलकर अपनी व्यथा लिखित दी। इसके बाद डीआईजी की अनुशंसा पर बुधवार को कहलगांव थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
बीबी नसीमा ने आरोप लगाया है कि बेलदौर खगड़िया के मो. शाबिर से पांच साल पहले निकाह हुआ था। उसे दो बच्चे भी हैं। लेकिन पति समेत ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। छह मार्च को ग्रामीणों के समक्ष तीन तलाक दे दिया गया। उसके बाद पति ने दोनों बच्चों के साथ मुझे मायके पहुंचा दिया। 13 मार्च को पति रहे शाबिर ने मेरी 12-13 साल की बहन को बहला फुसलाकर शादी करने की नीयत से भगा ले गया। परिजनों ने जब पता करने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने जानकारी दी कि उसने उक्त लड़की से शादी रचा ली होगी। बीबी नसीमा ने पति समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ कांड दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
नवगछिया : शराब कारोबारी को छोड़ने के मामले में रंगरा थाने के तीन पुलिस पदाधिकारियों पर गिरी गाज, एसपी ने किया निलंबित GS NEWS
नवगछिया - पिछले महीने रंगरा थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर बैसी गांव में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान रंगरा पुलिस द्वारा देसी शराब बनाने का मिनी शराब फैक्ट्री का उद्भेदन किया गया था. मौके से पुलिस ने शराब बनाने के उपकरणों के अलावे भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद किया था. शराब बरामदगी के दौरान पुलिस ने 2 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार दोनों शराब कारोबारी को पुलिस द्वारा रंगरा थाना लाया गया था. बताया जा रहा है कि एक आरोपी को रंगरा पुलिस द्वारा जेल भेज दिया गया जबकि गिरफ्तार किए गए दूसरे व्यक्ति को रंगरा थाना अध्यक्ष एसएन झा ने बिना वरीय पदाधिकारियों को सूचित किए छोड़ दिया. इसकी सूचना जब नवगछिया एसपी निधि रानी को मिली तो उन्होंने घटना की जांच कराई. जांच के क्रम में तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष एसएन झा, केस के आईओ राज किशोर प्रसाद एवं रात्रि गस्ती के इंचार्ज अखिलेश राय की भूमिका संदिग्ध पाई गई. जिसके आधार पर एसपी ने कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया.
नवगछिया : दोस्त ने दोस्त के चेकबुक पर जाली हस्ताक्षर कर लाखों उड़ायें , थाने में आवेदन GS NEWS
विशाल कश्यप की रिपोर्ट
नवगछिया के रंगडा थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव के निवासी शिवम कुमार यादव पिता सुशील यादव के पुत्र ने अपने ही एक मित्र द्रारा खाता संख्या 463010110015145 से चेक द्रारा फजी हस्ताक्षर कर दो बार में अलग अलग तारीख में कुल एक लाख दस हजार रुपए की निकासी की गई। शिवम कुमार ने बात चीत के दौरान बताया कि नवगछिया बाजार निवासी मित्र अफरीदी खान पिता पप्पू खान मुमताज मुहल्ला टावर के समीप उसका घर एंव दुकान है। शिवम कुमार एंव अफरीदी खान दोनों आपस में गहरे मित्र थे। और एक दूसरे के साथ कही कही काम से आना जाना भी हुआ करता था।संयोग बस 06.03.2020 शुक्रवार को भी ये दोनों एक साथ एक ही बाईक पर सवार होकर नवगछिया बस स्टैंड स्थित टैक्टर शोरूम पर टैक्टर खरीदारी करने गए थे। जब दोनों शोरूम के अंदर प्रवेश कर मैनेजर से बात कर रहे थे तो उसी दौरान शिवम कुमार को शोरूम को गाड़ी निकालने के लिए चेक देने कि आवश्कता पडी तो उन्होंने अपने मित्र अफरीदी खान को बाईक कि डिक्की से चेक लाने को कहा फिर उसके बाद 8चेक शोरूम को देने के बाद शेष बचे चेक को बाईक कि डिक्की में वापस रख देने को कहा। बस मौका पाकर अफरीदी ने चेकबुक से दो चेक हस्ताक्षर किया हुआ और दो बिना किसी हस्ताक्षर वाला चेक का फाड़ कर,चेक बुक को डिक्की में वापस रख दिया।कुछ दिनों बाद बैंक आँफ इंडिया कि भवानीपुर शाखा से पहली बार 13.03.2020 को दस हजार रुपए की निकासी की गई। जिसका मैसेज मेरे खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर आया तो ही। शिवम ने सोचा कि टैक्टर शोरूम वाले ने निकासी की होगी, लेकिन जब सोमवार को शोरूम पर पहुंच कर दस हजार चेक से निकालने की बात बताई तो उनलोगों ने ऐसे किसी चेक से रकम निकालने कि बात से साफ साफ इंकार किया।शोरूम कमी से बात करने के क्रम में ही मेरे मोबाइल नम्बर पर मेरे खाता से चेक बुक द्रारा फिर से दोबारा एक लाख निकासी किये जाने का मैसेज आया, तो मैंने शोरूम कमी को भी मैसेज दिखाया तब उन्होंने भी कहा कि हाँ एक लाख रूपये कि निकासी हुई है। तो मैं वहां से बैंक आँफ इंडिया भवानीपुर शाखा में गया। जब बैंक के कमी से पूछा तो उन्होंने सीसीटीवी कैमरे में फुटेज दिखाया गया जिसके बाद मैने अपने मित्र अफरीदी पहचान लिया ओर देखा कि पैसा निकासी कर ले जा रहा था । जिसके बाद मैं फोन कर उसे झूठ बोल गाड़ी पर बिठा कर सीधे बैंक लेते आया। उसके बाद शिवम ने अफरीदी को बैंक मैनेजर के हवाले कर थाने में सूचित करने को कहा। जिसके बाद सभी बैंक कमी के सामने अफरीदी ने दो बार पैसे निकालने की बात स्वीकार की एंव एक लाख घर पर रखने कि बात बताई। जिसके बाद एक बैक कमी दीपक कुमार एंव बैंक में तैनात चौकीदार कैलाश दास अफरीदी के घर पर पहुँचे तो अफरीदी ने घर में रखा एक लाख रुपये को लाकर बैंक कमी के हाथो में दे दिया। जिसके बाद अफरीदी को छोड दिया गया। वही इस मामले में शिवम कुमार ने बताया कि चौकीदार ने कुछ रुपए लेकर उस लडके को छोड़ दिया।शिवम ने बताया कि वुधवार को इस घटना को लेकर रंगडा थाने में आवेदन दे दिया गया है।अभी इस बारे में थानाध्यक्ष से बात नही हो सकी है।
पूछें जाने पर शाखा प्रबंधन नें बताया कि पैसे की रिकवरी हो गयी हैं दोनों से लिखित रूप से आवदेन ले लिया हैं मामले को बैंक में सुलझा दिया गया है और मामले को खुद से निरीक्षण किया हैं ।
मुंगेर : कोरोना वायरस से भागने की नहीं लड़ने की है जरूरतसाफ सफाई से कोरोना वायरस रहेगा कोसों दूरजिला प्रशासन कोरोना वायरस को लेकर पूरी तरह सतर्क GS.NEWS
मुंगेर : 18 मार्च। कोरोना वायरस को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार और सजग है। जिले में अब तक एक भी कोरोना वायरस के मरीज नहीं मिले हैं। सदर अस्पताल के 6 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोरोना वायरस से लोगों को भागने की नहीं लड़ने की जरूरत है। साफ सफाई व सतर्कता बरतने से इस वायरस से बचा जा सकता है। साथ ही जिले के सभी प्रखंडों में भी आइसोलेशन वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है कुछ वादों में आइसोलेशन वार्ड बनकर तैयार हो चुका है। आशा कार्यकर्ता भी लोगों के घरों तक जाकर कोरोना वायरस से बचाव के उपाय बता रही हैं। शहर के चौक चौराहों पर कोरोना वायरस से बचाव संबंधी पोस्टर लगाए जा रहे हैं। वही सिविल सर्जन डॉक्टर पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस को लेकर सभी तरह की तैयारी पूरी कर ली है। किसी भी हालात से निपटने के लिए विभाग तैयार हैं। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर नए अधिनियम के तहत प्रखंड स्तर पर भी नोडल पदाधिकारी क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वही मुंगेर रेलवे स्टेशन और जमालपुर रेलवे स्टेशन पर भी लोगों की जांच की जा रही है। जमालपुर स्टेशन पर कर्मचारियों और यात्रियों के बीच मास्क का वितरण किया गया।
जिले के दो प्रखंडों में बन चुका है आइसोलेशन वार्ड
जिले के 9 प्रखंडों में से 2 प्रखंड तारापुर और संग्रामपुर में आइसोलेशन वार्ड बनकर तैयार है। बाकी प्रखंडों में भी आइसोलेशन वार्ड बनाने की तैयारी है। सदर अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड पहले ही बनकर तैयार हो चुका है। आइसोलेशन वार्ड में पीपीटी किट, एन 95 मास्क मौजूद है। कोरोना वायरस के मरीज से कैसे निपटना है इसके लिए प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टरों की टीम भी मौजूद है।
कोरोना वायरस कोविड 19 कैसे फैलता है?
जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं.
संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.
अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं.
कोरोना वायरस संक्रमण के यह है लक्षण
इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है. इस कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है. बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है।
वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखना शुरू होने में औसतन पाँच दिन लगते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है।
कोरोना वायरस उन लोगों के शरीर से अधिक फैलता है जिनमें इसके संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं।
मंगलवार, 17 मार्च 2020
मुंगेर : कोरोना वायरस को लेकर फ़ैल रहे अफवाहों से रहें दूर, सावधानी बरतकर संक्रमण से आसनी से बचें GS NEWS
• संक्रमण होने पर मात्र 2-3% तक ही मृत्यु का खतरा
• लगभग 80% लोगों में संक्रमण के होते हैं हल्के लक्षण
• 60 साल से अधिक उम्र के लोग एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत
• संक्रमण के लक्षण मिलने पर घरेलू उपायों को करने से बचें
मुंगेर/ 17 मार्च: विश्व भर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस गंभीर वायरस को लेकर सटीक एवं सम्पूर्ण जानकारी काफ़ी जरुरी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेंड्रोस एधानोम घेब्रेयेसुस का कहना है: "हम सिर्फ एक महामारी से नहीं लड़ रहे हैं; बल्कि एक अफवाह रूपी महामारी से भी लड़ रहे हैं. " विश्व स्वास्थ्य संगठन `इन्फोडेमिक’ यानि अफवाह रूपी महामारी को परिभाषित करते हुए `जानकारी की अधिकता’ बताता है जहाँ कुछ सही और कुछ नहीं भी है, जिसके कारण जरूरत के वक़्त लोगों को भरोसेमंद स्रोतों और विश्वसनीय मार्गदर्शन मिलने में कठिनाई होती है’’. इस वायरस के बारे में सही तथ्यों की जानकारी का अभाव एवं फैली हुई अफवाहे ही इस दहशत के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है जब कोई वायरस नया होता है तो हम नहीं जानते कि यह लोगों को कैसे प्रभावित कर सकता है.
लगभग 80% लोगों में संक्रमण के होते हैं हल्के लक्षण:
कोरोनावायरस में "उच्च संक्रामकता जरूर है लेकिन मृत्यु की दर कम है". मुख्यतः मृत्यु दर 2-3% के बीच ही है. यह दर 2003 एसएआरएस की मृत्यु दर 10% या 2012 के एमईआरएस की मृत्यु दर 35% से काफी कम गंभीर है. इसके संक्रमण की वजह से मृत्यु का खतरा उन लोगों में अधिक होता है जो उम्रदराज (60 वर्ष की आयु से ऊपर) हैं और पहले से ही विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं. लगभग 80% लोगों में इसके लक्षण हल्के होते है एवं व्यक्ति दो सप्ताह में ठीक हो सकता है. समय पर चिकित्सकीय परामर्श और देखभाल के जरिए अधिकांश लक्षणों का इलाज किया जा सकता है.
ऐसे फैलता है कोरोना वायरस:
कोविड-19 (COVID-19) ऐसासंक्रामक रोग हैजो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से फैल सकता है. हमारे ऊपरी श्वसन क्षेत्र जैसे नाक, गले और फेफड़ा में हवा के माध्यम से प्रवेश कर फैल सकती है. एक संक्रमित व्यक्ति एक स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमण फैला सकता है – जैसे खांसने या छींकने पर आंख, नाक और मुंह से निकलने वाली बूंदों के माध्यम से, संक्रमित व्यक्ति के करीब संपर्क से, दूषित स्थानो, वस्तुओं या व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं के छूने से.
ऐसे अफवाहों से बनाएं दूरी:
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व भर में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. साथ ही कुछ अफवाहों को लेकर स्पष्टीकरण भी दिया गया है.
• कोविड-19 वायरस गर्म और आर्द्र जलवायु वाले क्षेत्रों में नहीं फैल सकता: अब तक के सबूतों के आधार पर कोविड-19 वायरस गर्म और आर्द्र मौसम वाले क्षेत्रों सहित सभी क्षेत्रों में के आधार पर फैल सकता है.
• सर्द मौसम और बर्फ नए कोरोनोवायरस को मार सकते हैं: यह मानने का कोई कारण नहीं है कि ठंड का मौसम नए कोरोनावायरस और अन्य रोग को मार सकता है. कोई भी तापमान या मौसम हो, सामान्य मानव शरीर का तापमान लगभग 36.5 ° C से 37 ° C तक रहता है.
• गर्म स्नान करने से नए कोरोनावायरस रोग की रोकथाम होती है: गर्म स्नान या शॉवर करने से आप कोविड-19 वायरस से नहीं बच पाएंगे। स्नान या शॉवर के तापमान की परवाह के बिना किसी भी मौसम या तापमान में सामान्य मानव शरीर का तापमान लगभग 36.5° C से 37° C तक रहता है. दरअसल, बेहद गर्म पानी से नहाना हानिकारक हो सकता हैक्योंकि यह आपको जला सकता है. नए कोरोनावायरस से खुद को बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है अल्कोहल युक्त हैंड रब या सेनेटाइजर से अपने हाथों को बार-बार साफ करना, या साबुन और पानी से धोना
• शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव नए कोरोनावायरस को मार सकता है: शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव करने से आपके शरीर में घुस चुके वायरस नहीं मरेंगे. ऐसे पदार्थों का छिड़काव कपड़े या संवेदनशील अंगों के लिए हानिकारक हो सकता है यानी आंख और मुंह। ज्ञात हो अल्कोहल और क्लोरीन दोनों सतहों को कीटाणुरहित उपयोगी होते हैं, लेकिन दिशा निर्देशों के अनुसार ही उनका उपयोग करना चाहिए
• क्या ऐसी कोई भी दवाई या उपचार उपलब्ध है जो कोविड-19 को रोक या ठीक कर सकती है: कुछ पश्चिमी, पारंपरिक या घरेलू उपचार कोविड-19 के लक्षणों को कम कर सकते हैं, परंतु इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वर्तमान में कोई दवा इस रोग को रोक सकती है या ठीक कर सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन कोविड-19 की रोकथाम या इलाज के रूप में एंटीबायोटिक या किसी भी दवा से स्वउपचार की सलाह नहीं देता है. हालांकि, चल रहे कई क्लीनिकल ट्रायल में पश्चिमी और पारंपरिक दोनों दवाओं को शामिल किया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बारे में अद्यतन जानकारी मिलते ही जारी करेगा.
मुंगेर : स्पेशल गजट के माध्यम से ‘महामारी अधिनियम’ के तहत कोरोना वायरस से लड़ने की तैयारी GS NEWS
• संक्रमण की रोकथाम के लिए नोडल पदाधिकारी किये गए नामित
• सरकारी एवं निजी अस्पतालों के फ्लू कार्नर में सदिग्ध मरीजों की जाँच होगी अनिवार्य
• 14 दिनों की केस हिस्ट्री होने पर मरीज को आईसोलेशन वार्ड में किया जाएगा शिफ्ट
• आपातकाल परिस्थति में जिलाधिकारी को जरुरी कदम उठाने का होगा अधिकार
मुंगेर/ 17 मार्च: कोरोना वायरस के विश्व एवं देश में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार हाई अलर्ट पर है. इसको लेकर मंगलवार को बिहार सरकार ने स्पेशल गजट के माध्यम से ‘‘महामारी अधिनियम, 1897’’ के तहत कोरोना वायरस को शामिल किया है. अब यह अधिनियम ‘‘ बिहार महामारी, सीओवीडी-19 अधिनियम 2020’’ के नाम से जाना जाएगा. इस अधिनियम के तहत राज्य में कोरोना वायरस की रोकथाम में आसानी होगी.
संक्रमण की रोकथाम के लिए नोडल पदाधिकारी किये गए नामित:
कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर नए अधिनियम के तहत राज्य से लेकर प्रखंड स्तर पर नोडल पदाधिकारी नामित किये गए हैं. जिसमें राज्य स्तर पर निदेशक प्रमुख( संक्रामक रोग), जिला स्तर पर जिलाधिकारी, सिविल सर्जन, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर संबंधित अनुमंडल अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है.
सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों को भी देना होगा योगदान:
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकारी अस्पतालों के साथ अब निजी अस्पतालों को भी कुछ अनिवार्य सहयोग प्रदान करने होंगे. जिसमें सभी अस्पतालों( सरकारी एवं निजी) में फ्लू कार्नर स्थापित करने अनिवार्य होंगे, जिसमें कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की जाँच करना भी अनिवार्य होगा. साथ ही अब सभी अस्पतालों ( सरकारी एवं निजी) को कोरना वायरस के सदिग्ध एवं संक्रमित मरीजों की पूरी रिकॉर्ड भी रखनी होगी. यदि मरीज विदेश या ऐसे क्षेत्र से आए हों जहाँ कोरोना वायरस केस की अधिकारिक पुष्टि हुयी हो, तब ऐसे मरीजों का सम्पूर्ण विवरण अस्पतालों को रखना होगा. साथ ही मरीज के द्वारा किसी संदिग्ध मरीज के संपर्क में आने की स्थिति में भी उसकी पूरी जानकारी सभी अस्पतालों को रखनी होगी.
संक्रमण को लेकर अफवाह फ़ैलाने वालों के खिलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई:
अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति/ संस्था/ संगठन को अख़बारों, टेलीविजन या सोशल मीडिया के जरिए कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह के अफवाह फ़ैलाने की छूट नहीं होगी. यदि किसी व्यक्ति/ संस्था/ संगठन को अफवाह फ़ैलाने में दोषी पाया जाता है, तब उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.
14 दिनों की केस हिस्ट्री होने पर मरीज को आईसोलेशन वार्ड में किया जाएगा शिफ्ट:
किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण पिछले 14 दिनों से होने पर उन्हें जिला एवं मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बने आईसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा. साथ ही स्टैण्डर्ड प्रोसीजर के मुताबिक उनकी सीओवीडी-19 की जाँच भी जायेगी. यदि कोई व्यक्ति विदेश या सीवीओडी-19 प्रभावित क्षेत्र से 29 फ़रवरी के बाद राज्य में आता है, लेकिन उनमें कोरोना वायरस संक्रमण का कोई लक्षण ( बुखार, सर्दी एवं साँस लेने में तकलीफ़) नहीं मिलता है. तब ऐसी स्थिति में उन्हें अपने घर पर ही रहने की सलाह दी गयी है. साथ ही उन्हें एहतियात बरतते हुए अगले 14 दिनों तक किसी भी व्यक्ति के संपर्क में नहीं आने की हिदायत भी दी गयी है.
जिलाधिकारी आपातकाल स्थिति में करेंगे जरुरी कार्रवाई:
अधिनियम के तहत यदि सीओवीडी-19 मामले की रिपोर्टिंग किसी गाँव, शहर, वार्ड या कॉलोनी से होती है, तब जिलाधिकारी को जरुरी कदम उठाने का अधिकार होगा. जिसमें....
• प्रभावित क्षेत्र को सील करना
• संक्रमित क्षेत्र से किसी व्यक्ति का बाहर जाना या बाहर से उस क्षेत्र में आने को रोकना
• स्कूल, ऑफिस एवं पब्लिक गैदरिंग को बंद करना
• सीओवीडी-19 मामलों की एक्टिव एवं पैसिव सर्विलांस करना
• अस्पताल से सभी सदिग्ध मामलों का अलगाव करना
• किसी भी सरकारी एवं निजी भवन को मामलों के अलगाव के लिए आकस्मिक इकाई के रूप में नामित करना
अधिनियम का अनुपालन नहीं करने पर पेनाल्टी:
नवगछिया : मास्क खरीदने में पैसे न करें बरबाद, बच्ची ने बताया रूमाल से मास्क बनाने की विधि GS NEWS
नवगछिया निवासी संतोष गुप्ता और रीता गुप्ता की छ: वर्षीय पुत्री पलक कुमारी का एक वीडियो नवगछिया में बड़ी तेजी से वायरल हुआ है. वायरल वीडियो में पलक कुमारी ने मास्क बनाने का घरेलू तरीका बताया है. एक रूमाल को मोर कर पलक तुरंत मास्क तैयार कर देती है और इसी तरह मास्क बना कर लोगों को उपयोग में लाने की सलाह दे रही है. नवगछिया के डा अनंत विक्रम ने कहा कि पलक द्वारा तैयार किया गया मास्क बिल्कुल सटीक और उपयोगी है. रूमाल हर घर में होता है इसलिए कोई भी इस तरह का मास्क तैयार कर सकता है. लेकिन मास्क बनाने से पहले रूमाल को गर्म पानी में एनटिसेप्टिक लोशन के साथ अच्छी तरह से धो लेना चाहिए और हाथ को साफ कर मास्क तैयार करना चाहिए. डा अनंत विक्रम ने पलक की सराहना की है. कोरोना वायरस के कारण पलक के स्कूल में छुट्टी है. वह अपने मम्मी पापा के साथ मुहल्ले में घूम घूम कर लोगों को मास्क बनाने का तरीका बता रही हैं. बनाने के क्रम में वे रूमाल को अच्छी तरह से एनटिसेपेटिक लोशन में धोने और हाथ को बीस मिनट तक साबुन से धोने की भी सलाह दे रही है.
कोरोना फोरोना बाद में देखलो जैतै, पहनै मुर्गा दाबे दे
आज कल दो लोगों की मुलाकात हो, या फिर मोबाइल टेलीफोन पर बात हो चरचा के केंद्र में कोरोना ही रहता है. अफवाह का भी बाजार जबरदस्त रूप से गर्म है. लेकिन गांवों में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो सब कुछ जानते हुए भी बेखबर हैं. मुर्गा भात खाने के शौकीन कल्पतरू काल्पनिक नाम की आज कल चांदी है. रिटेल में भले ही मुर्गे की कीमत में गिरावट न आयी हो लेकिन हालसेल और मुर्गा फार्म संचालकों की हालत बदतर हो गयी है. खरीददार नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में कल्पतरू भैया के हाथों चांदी हो गयी है. एक मुर्गा फार्म में उन्हें चालीस रूपये प्रति किलो मुर्गा दिया जा रहा है. कल्पतरू भैया सुबह सुबह पहुंच कर मुर्गा खरीदते हैं और रोजाना मुर्गा भात का आनंद लेते हैं. ऐसा पिछले छ: दिनों से लगातार हो रहा है. घर में सब लोग कोरोना का हवाला दे कर उन्हें ऐसा न करने की सलाह देते हैं तो कहते हैं कोरोना फोरोना बाद में देखलो जैतै, अभी सस्तो छै, पहनै मुर्गा दाबो दे फेरू देखलो जैतै.
मुहल्लों में सामने आ रही है ऐसी भी कहानी
सरघु काल्पनिक नाम मछली के शौकीन हैं. मंगलवार की सुबह रेहू मछली घर ले आये. घर में मछली दे कर सरघु बाजार चले गये. घर में मछली बन रहा है बच्चे उत्साहित थे. तभी गली से बाबा बेत्तर निकले बच्चों से पूछा क्या बच्चों खाना पीना हो गया है ? बच्चों ने कहा नहीं बाबा आज मछली बन रहा है. बाबा ने कहा कि मछली बन रहा है कि कोरोना वायरस, आज कल मछली नहीं कोरोना वायरस मिल रहा है बाजार में. बच्चों ने जा कर पूरी बात अपनी म्ममी को बता दी. फिर जब सरधु बाजार से वापस आये तो घरवालों का व्यवहार ऐसा था जैसे उन्होंने घर में मछली नहीं कोरोना वायरल ही ला कर दिया हो. मछली फेंकने की बात होने लगी और फेंक ही दिया गया. बच्चे मायूस थे लेकिन उन्हें इस बात को लेकर संतुष्टि थी कि वे लोग कोरोना वायरस से बच गये हैं. दूसरी तरफ बाबा बेत्तर ने अपने देशी कुत्ते को खोल दिया. कुत्ता वहां जा पहुंचा जहां बनी बनायी मछली फेंक दी गयी थी. मछली चट करने के बाद बाबा का कुत्ता अपने स्वामी को सम्मान की नजरों से देख रहा है.
नवगछिया : धरहरा में बनी टेली फिल्म का प्रसारण डीडी किसान पर - 23 मार्च से होगा प्रसारण- बेटी के जन्म पर 10 फलदार वृक्ष लगाने की परंपरा पर है आधारित फिल्म GS NEWS
नवगछिया के गोपालपुर थाना क्षेत्र के आदर्श ग्राम धरहरा में बेटी के जन्म लेने पर ढोल बजाकर खुशियाँ मनाने व दस फलदार पौधे लगाने की अनूठी परंपरा के कायल होने पर सीएम नीतीश कुमार के लगातार चार वर्षों तक धरहरा आने के कारण धरहरा की पहचान अंतराष्ट्रीय स्तर पर हुई. मुंबई के टेली फिल्म निर्देशक व लेखक राकेश सिंहा ने धरहा में टेली फिल्म के 26 एपीसोड को फिलमाया है. फिल्म मेम मुख्य कलाकार रितेश उपाध्याय ,कलाकार धरहरा निवासी पंकज मेहता व नायिका फलक खां हैं. निर्देशक सह लेखक राकेश सिंहा ने बताया कि इस टेली फिल्म में नायिका की शादी के बाद ससुराल में फलदार पौधे का वितरण कर लोगों को वृक्ष से होने वाली पर्यावरण व आर्थिक समृद्धि की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि टेली फिल्म लाडली के नाम से बनाया गया है. जिसे 23 मार्च से डीडी किसान चैनल पर दर्शकों को दिखाया जायेगा. पंचायत की मुखिया रंजीता देवी पूर्व मुखिया विजय सिंह ने कहा कि इस टेली फिल्म के माध्यम से धरहरा की अनूठी परंपरा राष्ट्रीय से लेकर अंतराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी.
नवगछिया में गपशप : कोरोना फोरोना बाद में देखलो जैतै, पहनै मुर्गा दाबे दे GS NEWS
आज कल दो लोगों की मुलाकात हो, या फिर मोबाइल टेलीफोन पर बात हो चरचा के केंद्र में कोरोना ही रहता है. अफवाह का भी बाजार जबरदस्त रूप से गर्म है. लेकिन गांवों में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो सब कुछ जानते हुए भी बेखबर हैं. मुर्गा भात खाने के शौकीन कल्पतरू काल्पनिक नाम की आज कल चांदी है. रिटेल में भले ही मुर्गे की कीमत में गिरावट न आयी हो लेकिन हालसेल और मुर्गा फार्म संचालकों की हालत बदतर हो गयी है. खरीददार नहीं मिल रहे हैं. ऐसे में कल्पतरू भैया के हाथों चांदी हो गयी है. एक मुर्गा फार्म में उन्हें चालीस रूपये प्रति किलो मुर्गा दिया जा रहा है. कल्पतरू भैया सुबह सुबह पहुंच कर मुर्गा खरीदते हैं और रोजाना मुर्गा भात का आनंद लेते हैं. ऐसा पिछले छ: दिनों से लगातार हो रहा है. घर में सब लोग कोरोना का हवाला दे कर उन्हें ऐसा न करने की सलाह देते हैं तो कहते हैं कोरोना फोरोना बाद में देखलो जैतै, अभी सस्तो छै, पहनै मुर्गा दाबो दे फेरू देखलो जैतै.
मुहल्लों में सामने आ रही है ऐसी भी कहानी
सरघु काल्पनिक नाम मछली के शौकीन हैं. मंगलवार की सुबह रेहू मछली घर ले आये. घर में मछली दे कर सरघु बाजार चले गये. घर में मछली बन रहा है बच्चे उत्साहित थे. तभी गली से बाबा बेत्तर निकले बच्चों से पूछा क्या बच्चों खाना पीना हो गया है ? बच्चों ने कहा नहीं बाबा आज मछली बन रहा है. बाबा ने कहा कि मछली बन रहा है कि कोरोना वायरस, आज कल मछली नहीं कोरोना वायरस मिल रहा है बाजार में. बच्चों ने जा कर पूरी बात अपनी म्ममी को बता दी. फिर जब सरधु बाजार से वापस आये तो घरवालों का व्यवहार ऐसा था जैसे उन्होंने घर में मछली नहीं कोरोना वायरल ही ला कर दिया हो. मछली फेंकने की बात होने लगी और फेंक ही दिया गया. बच्चे मायूस थे लेकिन उन्हें इस बात को लेकर संतुष्टि थी कि वे लोग कोरोना वायरस से बच गये हैं. दूसरी तरफ बाबा बेत्तर ने अपने देशी कुत्ते को खोल दिया. कुत्ता वहां जा पहुंचा जहां बनी बनायी मछली फेंक दी गयी थी. मछली चट करने के बाद बाबा का कुत्ता अपने
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